कार्रवाई के बाद भी नहीं रुका गोरखधंधा
प्रतिबंधितवनक्षेत्र के धनवार क्षेत्र के रोहनियाटांड, कैलीपहाडी, भरौना, डोरंडा, गोरियाचू, भिरखी, तारापुर, कन्हाई, तोडरखार, सुरंगी, समेत कई क्षेत्रों से सफेद बेशकीमती पत्थर का उत्खनन किया जा रहा है। जिससे जंगल तो उजड़ ही गए हैं।, पहाड़ समतल हा़े चुका है। इसका व्यापक प्रभाव पर्यावरण संतुलन पर पड़ रहा है। कुछ माह पूर्व हुई विभागीय कार्रवाई में उपायुक्त समेत कई अधिकारियों ने इस मामले की जांच की थी। जहां जांच के दौरान कई पत्थरों के ढेर पाए गए थे। इस गोरखधंधे के खिलाफ जहां वन विभाग यह कहकर अपना पल्ला झाड़ रही है कि उस क्षेत्र में सफेद पत्थर उपलब्ध नहीं है। साथ ही ऐसे पत्थरों काे दूसरे क्षेत्र में उत्खनन की बात कह रहे है। जबकि वह क्षेत्र सफेद पत्थरों का गौरखधंधा करने वालों का सेफ जोन बन गया है। चालाक धंधेबाज इन पत्थरों को धनवार से कोडरमा के रास्ते कोलकाता, भूटान, बांग्लादेश आदि जगह भेज रहे हैं। इस धंधे में कभी कभार पकड़े गए धंधेबाज वाहन इस आधार पर छूट गए जिसमें खनन विभाग ने उन्हें परमिट निर्गत किया था।
इस धंधे में कौन कौन शामिल हैं इसे प्रशासन ही बता सकती है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है पूर्व में पकड़े गए वाहन और दर्ज किए गए मुकदमे में धनवार थाना ने वन विभाग के पास नहीं भेजा है। जिस कारण उसमें वन अधिनियम के तहत कार्रवाई नहीं की गई। लिहाजा जो भी हो इस आरोप प्रत्यारोप से नुकसान पर्यावरण काे हो रहा है। साथ ही सरकारी संपति को नुकसान पहुंचा रहे है जिसका दूरगामी बुरा परिणाम पड़ने की संभावना है।