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चुनाव में नक्सलियों से दो-दो हाथ के लिए सुरक्षा बल के जवान हैं मुस्तैद

7 वर्ष पहले
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नक्सलियोंकी गतिविधि को ठंडा करने के लिए गिरिडीह पुलिस हर मोर्चे पर खुद को मुस्तैद होने का दावा कर रही है। पुलिस के ये दावे कितने ठोस है यह तो चुनाव के दौरान ही देखने की उम्मीद है। लेकिन आईबी सूत्रों की मानें तो नक्सली संगठन भी इस चुनाव के दौरान हिंसात्मक कार्रवाई के लिए पूरी तरह से ठोस रणनीति बनाए हुए है। हालांकि झारखंड-बिहार के सीमावर्ती जिले गिरिडीह और जमुई के गिरिडीह जिला के भेलवाघाटी और जमुई जिला के चकाई, खैरा थाना क्षेत्रों में दोनों राज्यों की जिला पुलिस के साथ सीआरपीएफ के द्वारा संयुक्त रुप से सर्च ऑपरेशन चल रहा है। गिरिडीह में नक्सलियों से निपटते हुए शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने को लेकर गिरिडीह पुलिस ने इस बार चुनौती के रुप में लिया है। यही कारण है कि चुनाव को लेकर गिरिडीह पुलिस खास सतर्क है।

चिराग दस्ते की सक्रियता की मिल रही जानकारी

सीमावर्ती इलाकों के जंगलों को खंगालने में जुटी है पुलिस

बतातेहै कि इस बार चुनाव से पहले ही सुरक्षा बल के जवान भी नक्सलियों से दो-दो हाथ करने के मकसद से झारखंड-बिहार के सीमावर्ती जिले गिरिडीह और जमुई के संबोधित थाना क्षेत्र के अधीन जंगलों को खंगालने में जुटे है। हालांकि एक सप्ताह से चल रहे सर्च और कांबिंग ऑपरेशन को लेकर अब तक सुरक्षा बल के जवानों को कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। आईबी सूत्रों की माने तो पश्चिमी झारखंड और उत्तरी बिहार के गिरिडीह और जमुई का जोनल कमांडर रामचन्द्र महतो उर्फ चिराग दा का करीबी माना जाने वाला पिंटू दा इस बार भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के कई गांवों का दौरा कर चुनाव में हिंसात्मक कार्रवाई की रणनीति बनाया है।

मतदान संपन्न कराने के िलए तैयार सुरक्षा बल। (फाइल फोटो)

सूत्र बताते है कि झारखंड के गिरिडीह और बिहार के जमुई जिला पुलिस को चिराग दा के दस्ते के बार में बहुत अधिक जानकारी नहीं है। वहीं दोनों राज्यों के खुफिया एजेंसियों के पास भी चिराग दा के दस्ते की सही जानकारी अभी तक कहीं से नहीं मिल पाई है। अपुष्ट सूत्र यह भी बताते है कि नक्सलियों के कई दस्ते को चिराग दा के निर्देश पर गिरिडीह और जमुई के सभी एरिया कमांडरों को किसी प्रकार के हिंसात्मक कार्रवाई के लिए आपस में बैकअप देने का निर्देश दिया गया है।