बिचौलिए खरीद रहे हैं धान
धानके फसल की कटाई कर चुके किसानों को बिचौलियों के माध्यम से अब जहां तहां धान बेचना पड़ रहा है। राज्य सरकार की ओर से अबतक इसकी खरीदारी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जिस कारण उन्हें औने पौने दामों में धान की बिक्री करना पड़ रहा है। गिरिडीह जिले के सभी प्रखंडों में धान की कटाई अंतिम चरण में पहुंच गया है। किसान के खेतों से धान के खलिहान मेंं पहुंचते ही व्यापारी उनके घरों का चक्कर लगाने लगे हैं। स्थिति यह बन गई है कि इन किसानों का दर्द समझने के लिए कोई तैयार नहीं है। जिससे उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। मालूम हो कि बीते वर्ष इन किसानों का धान राज्य सरकार के निर्देश पर पैक्स के माध्यम से किसानों से खरीदा गया था। इसकी खरीदारी सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग झारखंड सरकार के निर्देश पर किया गया था। जिससे बेहतर परिणाम मिला था। सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष २०१२-१३ में राज्य भर में लगभग एक हजार धान अधिप्राप्ति केंद्र खोले गए थे। जिससे किसानों से सीधे तौर पर बड़े पैमाने पर धान क्रय किया गया था। किसानों से धान अधि प्राप्ति कर उसे मिलिंग करवाकर भारतीय खाद्य निगम को उपलब्ध कराया गया था। इसके एवज में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य भुगतान की गई थी।