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जिले की 75 फीसदी जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी है रोक

6 वर्ष पहले
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अधिकारियोंकी गलत कागजी रिपोर्ट में गिरिडीह जिले की 75 फीसदी जमीन फंस गई है। जिसे सरकार ने इसकी खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। लिहाजा आम-आवाम को सिर्फ परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बल्कि जमीन की बिक्री नहीं होने की वजह से के कई बेटी की शादी रूक गई है तो कई बच्चों का नामांकन हो रहा है और तो और कई लोगों को बीमारी की इलाज के लिए भी सोचना पड़ रहा है। यह अधिकारियों की लापरवाही से हुई है। जिसमें सरकार ने गिरिडीह जिले से प्रतिबंधित जमीन की सूची मांगी थी। जिसकी खरीद-बिक्री नहीं हो सकती है। लेकिन अंचलाधिकारियों की मेहरबानी रही कि प्रतिबंधित सूची में वन विभाग, चिरागी, बेचिरागी के अलावा जिले की तमाम गैरमजरूआ भूमि भी उसी सूची में डाल दिया। जिसमें जमीन की वर्तमान स्थिति को नजरअंदाज कर 1910-11 के सर्वे खतियान को आधार माना गया। लेकिन ये नहीं देखा गया कि उस 105 सालों के दौरान कितने गैरमजरूआ जमीन की बंदोबस्ती, रजिस्ट्री दाखिल खारिज हो चुकी है और कितनी जमीन पर लंबी-चौड़ी इमारत खड़ी हो गई है।

केस स्टडी

गिरिडीहके मौजा बिशनपुर थाना नंबर 103, खाता नंबर-34, प्लॉट नंबर-609 रकबा 9 बीघा जमीन तत्कालीन जमींदार द्वारा दिनांक 26-09-1928 को निबंधित दस्तावेज नंबर 1813 1814 द्वारा अल्फ्रेड मनोहर पाल एवं एलेक्जेंडर पाल को बंदोबस्त की गई थी। बाद में भी फिर उक्त भूमि को दस्तावेज नंबर 292 दिनांक 19-01-1945 में स्थानांतरण किया गया। फिर दस्तावेज नंबर 736 दिनांक 21-01-1994 पुन: दस्तावेज नंबर 7213 दिनांक 17-06-2004 से इस जमीन को भगवान दास वगैरह द्वारा खरीदी गई। अंचल से इसकी दाखिल खारिज भी हुई। मालगुजारी भी लगातार सरकार वसूल कर रही है। लेकिन तब भी इसे प्रतिबंधित भूमि की सूची में शामिल कर इसके स्थानांतरण पर रोक लगाई गई है। इस तरह जिले में हजारों प्लॉट है जिसकी खरीद-बिक्री प्रतिबंधित है। इससे जिले के जमीन के खरीदारों और बेचने वालों, दोनों के हितों की अनदेखी हो रही है। जिससे लोगों की बीच परेशानी बढ़ रही है।

ये है पूरा मामला

झारखंडसरकार निबंधन विभाग के सचिव सह निबंधन महानिरीक्षक, निबंधन विभाग, झारखंड रांची के पत्रांक 604 दिनांक 22.05.13 के तहत गिरिडीह सहित राज्य के सभी उपायुक्त को पत्र लिख कर प्रतिबंधित भूमि की सूची मांगी गई थी। ताकि उक्त भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई जा सके। इसके लिए अंचलवार एवं मौजावार थाना नंबर सहित प्लॉट नंबर के साथ रकबा की मांगी गई थी। इसके बाद जिला अवर निबंधक के पत्रांक 447 दिनांक 09.07.13 के तहत सभी अंचल से रिपोर्ट मंगाकर सरकार को भेजा गया। जिसमें रिपोर्ट प्राप्ति के साथ ही सरकार ने उन सारे जमीनों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। तब से जिले की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

सरकार के आदेश पर लगी है रोक : सब रजिस्ट्रार

^प्रतिबंधितभूमि की खरीद-बिक्री पर जिला से नहीं बल्कि सरकार के आदेश पर रोक लगी है। क्योंकि प्रतिबंधित जमीन की सूची निबंधन विभाग से नहीं बल्कि अंचलों से भेजी गई है। लिहाजा इसका निराकरण भी सरकार से और अंचल के माध्यम से ही होगा। उपायुक्त के आदेश के बगैर ऐसे भूमि की रजिस्ट्री नहीं हो सकती है। वैसे इस समस्या से उपायुक्त को अवगत करा दिया गया है। उनके आदेश पर कार्यवाही आगे बढ़ेगी। \\\'\\\' अजयकुमार, सब रजिस्ट्रार, गिरिडीह

{ प्रतिबंधित सूची में डाली गई गैरमरूआ जमीन

{ दर्जनों बार खरीद-बिक्री वाली भूमि पर संकट