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सम्मानपूर्वक जीवन जीना प्रत्येक मनुष्य का अधिकार है : त्रिपाठी

7 वर्ष पहले
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झारखंडराज्य विधिक सेवाएं प्राधिकार के निर्देशानुसार माननीय प्रधान जिला जज सह डीएलएसए अध्यक्ष गीतेन्द्र कुमार सिंह के निर्देश में बुधवार को सर जेसी बोसी बालिका उच्च विद्यालय में कानूनी जागरूकता शिविर सह साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकार के मार्ग दर्शन में लगाया गया। शिविर को संबोधित करते हुए डीएलएसए सचिव प्रेमलता त्रिपाठी ने कहा कि मानवाधिकार मानव होने के नाते प्राप्त नैसर्गिंक अधिकारों से है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर मानवीय भेदभाव को समाप्त करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा ने 10 दिसम्बर 1950 को मानवाधिकार दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। यह दिवस इस बात का संदेश देता है कि हर जाति, धर्म, पंथ, क्षेत्र, भाषा, लिंग आदि भेदभाव को समाप्त कर समस्त मानव जाति को समान रूप से एक समझें एवं उसके उत्थान के लिए कर्त्तव्यनिष्ठ रहे। श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि हमें मानवीय गरिमा की रक्षा के लिए प्रय|शील रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सम्मान पूर्वक गरिमा मय जीवन जीना प्रत्येक मनुष्य का मौलिक अधिकार है। शिविर को अधिवक्ता रामरतन शर्मा ने भी संबोधित किया। इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य देवेन्द्र कुमार सिंह ने भी मानवाधिकार के बारे में जानकारी दी। मौके पर पीएलभी प्रवीण कुमार और दिलीप कुमार समेत बड़ी संख्या में स्कूल की छात्राएं मौजूद थी।