...और बिना सभा किए िनकल गए नेताजी
गुरूवारकी देर शाम को बडा चौक स्थित हनुमान मंदिर के पास नुक्कड सभा के लिए जुटे दो दलों के प्रत्याशी आमने सामने हो गए। दोनों दलों के सैकडों की तादात में समर्थक अपने प्रत्याशी को सुनने को बेताब थे। लेकिन एक प्रत्याशी को बगैर सभा किए ही वापस लौटना पड़ा। हुआ यूं कि गुरूवार को बड़ा चौक पर पहले एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में नुक्कड सभा का आयोजन किया गया था। उसकी सभा के तुरंत बाद एक क्षेत्रिय दल के प्रत्याशी को वहां नुक्कड सभा करना था। निर्धारित समय पर क्षेत्रिय पार्टी के प्रत्याशी भी पूरी लाव लश्कर के साथ पहुंच गए। इस दौरान वहां राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी की सभा चल रही थी। क्षेत्रिय पार्टी के प्रत्याशी के वहां आने के साथ ही उनके समर्थक जिंदाबाद के नारे लगाने में मशगूल हो गए। दूसरी तरफ पूर्व से सभा रहे राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी उनके समर्थकों ने अपने भाषण के दम पर समां बांध रखा था। उनकी सभा को चलते देख क्षेत्रिय पार्टी के प्रत्याशी वहां मौजूद अपने चुनाव कार्यालय में इस सभा की समाप्ति का घंटों इंतजार करते रहे। लेकिन राष्ट्रीय पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपने जोशीले भाषण और केंद्र सरकार की उपलब्धियों को पूरे जोश के साथ संबोधित कर रहे थे जो क्षेत्रिय पार्टी को नागवार गुजर रहा था। इस बीच दोनों के समर्थक आपस में उलझ जाते, लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस की सक्रियता से दोनों दल उलझते उलझते बचे। पुलिस ने सामने वहां किसी की नहीं चली। इधर इस माहौल काे देख क्षेत्रिय दल के प्रत्याशी मौके की नजाकत को भांपते हुए वहां से धीरे से खिसक लिए और जनसंपर्क अभियान के लिए भंडारीडीह चलते बने। सभा को संबोधित किए बगैर क्षेत्रिय पार्टी के प्रत्याशी को वहां से खिसकते देख राष्ट्रीय पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी जोर शोर से नारेबाजी करने से भी पीछे नहीं रहे। मालूम हो कि इस चुनावी मुकाबले में इन दोनों प्रत्याशियों के बीच कांअे की टक्कर है। जिस कारण दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में भी आक्रोश अधिक है। लेकिन अब देखना यह है कि इस चुनाव में कौन किस पर भारी रहेगा।