नक्सल प्रभावित बूथों पर कड़ी नजर: अजीत
गिरिडीह,देवघर और दुमका के 10 विस सीटों पर शांतिपूर्वक मतदान कराने गिरिडीह पहुंचे पुलिस पर्यवेक्षक अजीत पाटिल ने कहा कि गिरिडीह पुलिस ने चुनाव की तैयारी जबरदस्त कर रखा है। उन्हें उम्मीद भी है कि जिले के सभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र में मतदान के प्रतिशत में इजाफा होगा। महाराष्ट्र के डीआईजी रैंक के अधिकारी श्री पाटील को भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड के तीन जिलों के 10 विस सीटों में मतदान कराने के लिए भेजा है। इस 10 विस सीटों में गिरिडीह के छह, देवघर के चार और दुमका दो विस सीट है। जिसमें देवघर और दुमका के सारठ और जामताड़ा सीट शामिल है। पुलिस पर्यवेक्षक ने कहा कि दो दिन देवघर में रहते हुए उन्होंने डीसी एसपी के साथ बैठक कर नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बूथों का जायजा लिया। पुलिस पर्यवेक्षक श्री पाटिल ने कहा कि गिरिडीह और दुमका के डीसी और एसपी के साथ भी बैठक कर दोनों जिले के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों का इनपुट लिया। डीसी, एसपी से मिला इनपुट काफी पुख्ता है और हर बूथों में पर्याप्त संख्या में पारा मिलिट्री सुरक्षा बल के जवान तैनात होंगे। पुलिस पर्यवेक्षक ने बातचीत के क्रम में कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अलावा शहर के वोटरों और सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को अगर किसी प्रकार की समस्या होगी तो प्रत्याशी से लेकर वोटर तक मोबाइल नंबर 07542971973 पर उनसे मिल कर अपनी समस्याओं का निपटारा कर सकते है। जबकि जिले के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों में भी प्रत्याशी और वोटर को कही से यह लगे कि बूथ में किसी प्रकार की गड़बड़ी हो सकती है, तो इसके लिए वे इसी नंबर पर प्रत्याशी और वोटरों के बीच मौजूद रहेंगे। पुलिस पर्यवेक्षक ने बातचीत के दौरान यह स्वीकार किया कि दोनों जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पड़ने वाले बूथ काफी संवेदनशील है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र के बूथों के लिए पूरे गिरिडीह जिले में 100 से अधिक पारा मिलिट्री सुरक्षा बल के जवान उपलब्ध कराए गए है। वोटरों की सुरक्षा के लिए गिरिडीह और देवघर जिले के एसपी को काफी सख्ती का निर्देश दिया गया है। पुलिस पर्यवेक्षक ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग नक्सल क्षेत्र और सभी संवेदनशील बूथों में शांतिपूर्ण मतदान के प्रति काफी सचेत है। इसलिए सुरक्षा बल के जवानों को भी बूथों में मुस्तैदी से रहने का निर्देश दिया गया है। जिससे वोटरों में किसी प्रकार क