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माओवादी िदनेश का शव परिजनों को सौंपा

7 वर्ष पहले
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गिरिडीहके लोकायनयनपुर थाना क्षेत्र के दलदलीया जंगल में हुई मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों का शव पोस्टमार्टम के लिए गिरिडीह लाया गया। सदर अस्पताल पहुंचने के बाद रविवार को पुलिस अधिकारियों की मौजदूगी में शव का पोस्टमार्टम के बाद मृतक एरिया कमांडर दिनेश का शव लेने उनके अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल में पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे। गौरतलब है कि मृतक दिनेश के दस्ते का मुठभेड़ बीते शुक्रवार की रात तिसरो पिकेट के सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल के जवानों के साथ हुई थी। मुठभेड़ की इस घटना में ही दिनेश समेत तीन अन्य नक्सली पुलिस की गोलियों का शिकार हुआ था। इधर नक्सली कमांडर दिनेश पंडित का शव लेने गिरिडीह पहुंचे उसके परिजनों ने बताया कि तीन साल पहले झारखंड-बिहार का यह एरिया कमांडर नक्सली संगठन से जुड़ा था। नक्सली संगठन से जुड़ने के बाद वे बिहार के जमुई जिला में सक्रिय हो गए थे। इसकी सक्रियता को देखने के बाद जमुई के जोनल कमांडर सिद्धु कोड़ा ने इसे झारखंड-बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र गिरिडीह-जमुई का एरिया कमांडर बनाया था। जबकि सिद्धु कोड़ा का यह खास होने के साथ सिद्धु कोड़ा ने इसे दो राज्यों के दोनों जिला में गतिविधि तेज करने की जिम्मेवारी दी थी। तब से यह क्षेत्र में सक्रिय था।

नक्सली से पूर्व एक मजदूर था दिनेश

नक्सली बनने से पूर्व दिनेश एक मजदूर था। वे दिल्ली, चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में मजदूरी के लिए जाया आया करता था। इसका खुलासा नक्सली के पिता अर्जुन पंडित और छोटे भाई चंदन पंडित ने किया है। रविवार को गिरिडीह सदर अस्पताल में सदर डीएसपी शंभू सिंह और एसडीपीओ राजकुमार मेहता की देखरेख में एरिया कमांडर समेत तीनों नक्सलियों का पोस्टमार्टम होने के बाद दोपहर बाद उनका शव लेने अस्पताल पहुंचे थे। जबकि अन्य दो नक्सलियों के परिजनों का अब तक कोई अता-पता नहीं है। इस दौरान बेटे का शव देखने के बाद पिता अर्जुन पंडित और भाई चंदन ने इसके नक्सली संगठन से जुड़ने के कई राज खोला है।

पिता ने नक्सली बनने से रोका था

तीनसाल पहले 2011 में मार्च माह में परिजनों के साथ होली खेलने घर आया था। होली खेलने के बाद वह दुबारा चला गया। नक्सलियों के हर गतिविधि में शामिल होने लगा। इस दौरान दिनेश का संपर्क अपने पिता से होने के बाद पिता ने कई बार नक्सलियों का साथ छोड़ने की सलाह भी दी थी। जबकि इसी वर्ष मार्च माह में चरकापत्थर