उपेक्षित है बरमसिया तालाब
अंजनी कुमार सिन्हा | गिरिडीह
शहरका बरमसिया स्थित तालाब आज प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हुआ है। शहर में गिने चुने तालाबों में एक यह तालाब काफी पुराना है। प्रशासनिक उदासीनता और स्थानीय लोगों के कारण यह तालाब बेकार हाे गया है। कई साल पूर्व इस तालाब में मछली पालन और पानी फल सिंघाड़ा की खेती की जाती थी। आसपास के प्रतिमा का विसर्जन इसी तालाब में किया जाता था। कालांतर में यह तालाब अतिक्रमण के कारण सिमटता चला गया। साथ ही मुहल्ले भर की गंदगी इसी तालाब में डालने लगी। शहर के अन्य स्थानों का भी कूड़ा कर्कट इस तालाब में एक योजना के तहत भरा जाने लगा था। इस तालाब को लेकर उच्च न्यायालय में मामला चला। जहां सरकार के पक्ष में फैसला आया। इस सरकारी तालाब को जो शहर के महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है, नगर पर्षद ने इसके सौन्दर्यीकरण की इच्छा नहीं जताई। जबकि बताया जाता है कि तालाब सौन्दर्यीकरण के लिए सरकार की ओर से राशि आवंटित की गई है। इस तालाब में इस दुर्गापूजा में यह प्रतिमा का विसर्जन कैसे होगा, इससे भी आयोजकर परेशान हैं।
^बरमसिया स्थित तालाब का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। प्रशासनिक स्वीकृति के बादतालाब सौन्दर्यीकरण का काम शुरू किया जाएगा।^ दिनेशयादव , नपअध्यक्ष, गिरिडीह
पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे
शहर के महत्वपूर्ण स्थान पर यह तालाब काफी मायने में सौन्दर्यीकरण होने पर स्थानीय पर्यटन काे बढावा मिलेगा। तीन दुर्गा मंडपों के बीच और साईं धाम के सामने यह तालाब स्थित है। साथ ही तालाब के आसपास कई एकड़ सरकारी जमीन भी है। प्रशासन तालाब सौन्दर्यीकरण के साथ साथ पार्क का भी निर्माण कर शहरवासियों को एक अच्छा स्थान दे सकती है। साई धाम के पास होने के कारण यह तालाब इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि प्रतिदिन शहर के साथ साथ जिले भर के श्रद्धालु यहां आते हैं। इस स्थान पर सौन्दर्यीकरण कर पार्क बन जाने से शहर वासियों के लिए एक मनोरम स्थल मिलेगा। लिहाजा शहरवासियों के साथ साथ पूजा कमिटी और स्थानीय लाेगों को इस तालाब का जीर्णोद्घार का इंतजार है। जिससे सिर्फ पर्यटन को बढावा मिलेगा बल्कि रोजगार भी बढ़ेंगे।
जीर्णोद्धार की प्रतीक्षा में बरमसिया तालाब।