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स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक से कांग्रेस में बेचैनी
रांचीमें कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक के बाद जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बार की खासियत यह है कि सभी सीटों पर युवाओं में चुनावी मैदान में उतरने की लालसा अधिक देखी जा रही है।
राज्य में महा गठबंधन हुआ जिसकी अधिक संभावना दिख रही है तो कई की चुनावी आकांक्षा धरी की धरी रह जाएगी। पर सूत्र की मानें तो राज्य में महा गठजोड़ के बाद भी कई सीटों पर दोस्ताना संघर्ष के आसार है जिनमें गिरिडीह गाण्डेय विस सीट भी शामिल है। गाण्डेय में तो सरफराज अहमद के नाम पर कोई किचकिच नहीं है पर गिरिडीह सीट पर उम्मीदवारों की बड़ी फौज है। पार्टी सूत्रों की मानें तो स्क्रीनिंग कमेटी ने जो जिलाध्यक्ष से सूची ली है उसमें प्रत्येक विस सीट पर तीन नामों पर ही विचार किया जाना है। पर कई को रांची से अलग दिल्ली दरबार पर भरोसा है। इस कारण संभावित सूची में नाम होने के बावजूद अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है। सूत्र की मानें तो स्क्रीनिंग कमेटी ने साफ कर दिया है कि दिल्ली दौड़ने वाले टिकट की उम्मीद करें। योग्य उम्मीदवार को ही टिकट िमलेगा।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष रविन्द्र प्रसाद सिंह एक बार गाण्डेय विस से किस्मत आजमा चुके है। इस बार उनकी प|ी सह महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रूमा सिंह गिरिडीह से पार्टी टिकट की आस लगाए बैठे है। टिकट बंटवारे में महिलाओं का ध्यान रखा गया तो रूमा की दावेदारी खारिज करना कठिन हो जाएगा।पार्टी सूत्रों की मानें तो यहां सबसे मजबूत दावेदार नरेन्द्र कुमार सिन्हा को समझा जा रहा है। पर बाजी पलटने में सभी माहिर समझे जा रहे है, इस कारण पूर्व के कयास पलट भी सकते है।
पति के बाद प|ी को टिकट की आस
गाण्डेय से एकमात्र सरफराज अहमद
सूत्रकी मानें तो स्क्रीनिंग कमेटी जिला कमेटी ने गाण्डेय विस के लिए एकमात्र सरफराज अहमद के नाम की सिफारिश की है। पार्टी सूत्र की मानें तो महा गठबंधन के बावजूद गाण्डेय में कांग्रेस झामुमो के बीच दोस्ताना संघर्ष होगा। सूत्र की मानें तो गिरिडीह से नरेन्द्र कुमार सिन्हा, दिनेश यादव तथा रूमा सिंह, जमुआ सुरक्षित सीट से सीताराम पासवान, राजेश तुरी गोविंद तुरी, डुमरी से सुखदेव सेठ, बैजनाथ महतो छोटू, धनवार से उपेंद्र प्रसाद सिंह धनंजय कुमार सिंह, बगोदर से रघुनाथ तिवारी अशोक कुमार मंडल के नामों की सिफारिश की गई है।
एकला चलो के दिए जा रहे है तर्क
महागठबंधन से अ