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एससी-एसटी अपनी जमीन का सही ढंग से इस्तेमाल नहीं करते

5 वर्ष पहले
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भारतीयसांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) गिरिडीह शाखा के पीजीडीसीए क्लॉस रूम में सोमवार को सामाजिक विज्ञान शोध इकाई विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। आईएसआई के तत्वाधान में आयोजित व्याख्यान का संचालन जहां संस्थान के गिरिडीह प्रभारी डा. हरिचरण बेहरा ने किया।

वहीं देश के अलग-अलग अनुसूचित जाति जनजाति उनके जमीनों के अधिकार पर प्रकाश डालते हुए उड़ीसा के भुनेश्वर उत्कल विवि के व्याख्याता प्रो. के. के मिश्रा ने कहा कि अब भी अनुसूचित जाति जनजातियों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। जानकारी के अभाव में ही दोनों जाति वर्ग के लोग अपनी जमीन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाते है। प्रो. मिश्रा ने इस दौरान दोनों जनजाति को सही तरीके से जागरूक करने का सुझाव दिया। जिसे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। मौके पर इलाहाबाद विवि के व्याख्याता डा. आशीष सवेना ने जम्मू-कश्मीर में रहने वाले अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अलगाववादियों के कारण जम्मू-कश्मीर में रहने वाले दोनों जाति वर्ग के लोगों की स्थिति बेहतर होने के बजाय बिगड़ रही है। डा. सवेना ने मौके पर सरकार को दोनों जाति वर्ग के प्रति सही से योजना लागू कर उन्हें जोड़ने का सुझाव दिया। संस्थान परिसर में आयोजित व्याख्यान में ही अन्य राज्यों से आए व्याख्याताओं ने देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे दोनों जाति वर्ग के लोगों के आजीविका को बेहतर करने के प्रति सरकार से पारदर्शी तरीके से योजना लागू करने की बात कही। व्याख्यान में प्रो. बुद्धदेव चौधरी समेत कई अन्य व्याख्याता मौजूद थे। वहीं गिरिडीह प्रभारी ने कहा कि आईएसआई का इस व्याख्यान के आयोजन का मकसद अलग-अलग राज्यों में रह रहे जनजाति अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के स्थिति से अवगत कराना है। समाज विज्ञान के इस व्याख्यान में कई राज्यों के व्याख्याता आए है जो अपने-अपने राज्यों में रहे दोनों जाति वर्ग के लोगों पर जमीनी स्तर पर शोध किया है।

आईएसआई में व्याख्यान देते संस्थान के गिरिडीह प्रभारी अन्य।

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