जलछाजन से होगा रोजगार सृजन
जलछाजनसे जुडे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं में क्षमता विकास को लेकर एक प्रशिक्षण बुधवार को मत्स्य विभाग के परिसर में आयोजित किया गया। मछली पालन, जल संवर्द्धन और फसलों के पैदावार में वृद्धि को लेकर आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आई महिलाओं को इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। जिला मत्स्य पदाधिकारी रौशन कुमार के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण में जल संवर्द्धन कर इससे होने वाली खेती के तरीके बताए गए। इस दाैरान वर्षा के बाद लंबे समय तक वर्षा जल संग्रहण के लिए विभिन्न तरह के तरीके बताए गए। जल संग्रहण कर उससे होने वाले कृषि कार्य और फसलों के पैदावार में वृद्धि के तरीके की भी जानकारी दी गई। इस दौरान मत्स्य पालन के व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए इसके विभिन्न तरीकों की भी जानकारी उन्हें दी गई। इस मौके पर मौजूद डीएफओ श्री कुमार ने कहा कि गिरिडीह जिले के विभिन्न प्रखंडों में जलछाजन का क्षेत्र चयनित किया गया है। उन क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूह का गठन भी किया गया है। समूह की इन महिलाओं को विभिन्न तरह के रोजगार का सृजन के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रथम चरण का प्रशिक्षण उनके गांव मेंे ही दी जा चुकी है। दूसरे चरण में कार्यालय परिसर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में जलछाजन समिति के सचिव और अध्यक्ष को भी शामिल किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रतिभागी क्षेत्र में रोजगार करेंगे। इस मौके पर तकनीकि विशेषज्ञ अंजना, मत्स्य पदाधिकारी अनिल कुमार सिंह, सुपरवाईजर कविता कुमारी, जेई जदू, डब्ल्यूबीडी तमन्ना प्रवीण, खुर्शीद अनवर हादी, लेखापाल स्वाती गुप्ता समेत कई लोग मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता।