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14 वर्ष के कालखंड में सबसे अधिक नुकसान शिक्षा को हुआ : विधायक

6 वर्ष पहले
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सरजेसी बोस बालिका उच्च विद्यालय सभागार में मंगलवार को शिक्षा के गुणात्मक विकास पर दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। मानव संसाधन विकास विभाग के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के द्वारा विज्ञान प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत स्कूली छात्रा विदिशा विद्या के आकर्षक रिकाडिंग डांस से की गई। इससे पूर्व डीईओ ने सेमिनार के उदेश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सेमिनार के माध्यम से बच्चों में नैतिक शिक्षा की जानकारी देना है। कहा कि तकनीकि शिक्षा के साथ बच्चों में संस्कार डालना शिक्षकों का पहला कर्त्तव्य है। कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला घर-परिवार होता है। उन्होंने बच्चों से आहवान किया कि भारतीय संस्कृति संस्कार को हमेशा जेहन में रखें। जीवन में बड़े काम आएगें।

मौके पर स्थानीय विधायक निर्भय कुमार शाहाबादी ने कहा कि राज्य गठन के चौदह वर्षो के कालखंड में सर्वाधिक दुर्गति शिक्षा की हुई है। कहा कि राज्य मे बदहाल शिक्षा का दोषी कौन इसपर चिंतन करने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि गुणात्मक शिक्षा को धरातल पर लाने की पहल की जाय। गुणात्मक शिक्षा को लेकर पूरे विश्व में प्रतिस्पर्द्वा बढ़ी है। प्रतिस्पर्द्वा में तभी ठहर पाएगें जब यहां भी शिक्षा का स्तर में सुधार होगा। कहा कि बहुआयामी शिक्षा पद्वति में भंगी राष्ट्रपति के पुत्र को समान शिक्षा अधिकार दिया गया है। पर सरकारी शिक्षा इतनी बदहाल है कि गरीब तबका भी बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने की ख्वाहिश रखते है। उन्होंने कहा कि अब समय बदला है। राज्य सरकार शिक्षा के प्रति गंभीर है। इस कारण शिक्षकों की बहाली की गई है। विधायक ने छात्र जीवन का अनुभव साझा किया। कहा कि अब अनुशासन की वैसी मिसाल कहां देखी जाती है।

कार्यक्रम में मोहक नृत्य प्रस्तुत करती छात्रा।

विदिशा को मिला एक हजार का पुरस्कार

कार्यक्रममें मनमोहक नृत्य पेश करने के लिए पचंबा की विदिशा विद्या को निर्भय शाहाबादी ने एक हजार का नगद पुरस्कार दिया। कार्यक्रम में मंच संचालन शिक्षक उदय शंकर उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम के दौरान विधायक, प्रशिशु आईएएस शशि रंजन शिक्षा के प्रति दकए गए याेगदान को लेकर उदय शंकर उपाध्याय को शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया।

छात्र-छात्राओं को मिला सम्मान

विभिन्नक्षेत्रों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में लेदा की प्रीति कुमारी, प्लस टू उच्च विद्यालय कुम्हारलालों की प्रियंका कुमारी, प्रोजेक्ट उच्च विद्यालय अहिल्यापुर की मुन्नी कुमारी, सर जेसी बोस बालिका की शीतल कुमारी, बनियाडीह उच्च विद्यालय के जीतेश यादव सर जेसी बोस की समादीन को पुरस्कृत किया गया।

बदहाली के लिए स्टूडेंट्स जिम्मेवार नहीं

प्रशिक्षुआईएएस शशि रंजन ने मौके पर कहा कि परिवेश के साथ शिक्षा का मेल जरूरी है। कहा कि जैसा समाज का परिवेश रहेगा बच्चों का विकास उसी ढ़ंग से होगा। उन्होंने स्वंय सेवी संस्था के आकंड़े का हवाला देते हुए कहा कि प्राइमरी शिक्षा की स्थिति इतनी भयावह है कि पांचवी कक्षा के पचास प्रतिशत छात्र सरल गणित का हल नही कर पाते है। इतने दिनों में सरकारी शिक्षा का हाल ऐसा है तो इस पर चिंतन मनन करने की जरूरत है। इसके लिए बच्चों को दोषी कतई नही ठहराया जा सकता है। कहा कि जोर-जोर से बोलकर पढ़ना अच्छा होता है पर अब ऐसी आवाज कहां सुनने को मिलती है। कहा कि शिक्षक और छात्र में रिश्ते की डोर मजबुत होनी चाहिए।

मौके पर मंचासीन विधायक, प्रशिक्षु आईएएस अन्य।