शौचालय बनकर तैयार, नहीं हाे रहा उपयोग
गोलाप्रखंड में चल रहे निर्मल भारत अभियान लोगों को रास नहीं रही है। जिसका नतीजा है कि लोगों के घरों में तो अभियान के तहत शौचालय बनाने का कार्य तो शुरु हुअा, लेकिन इसका उपयोग तो दूर लोगों ने निर्माण कार्य पूरा तक नहीं किया। ऐसा नजारा सोसोकला पंचायत के धमनाटांड, हेमंतपुर, सोसोकला, हिसीमदाग, बरवाटोला और सोसोखुर्द गांव में देखने को मिला। इसका कारण राशि की कमी नहीं बल्कि लोगों में इच्छाशक्ति की कमी भी है। वहीं पीएचइडी के कनीय अभियंता सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि पहले कम राशि मिलती थी, जिस कारण बहुत से लोग शौचालय को अधूरा छोड़ दिए हैं। लेकिन सरकार की ओर अब 12 हजार रुपए अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में गोला पंचायत में काम चल रहा है।
खुलेमें शौच मुक्त गांव हुआ था घोषित
सोसोकलापंचायत को खुले में शौच मुक्त गांव घोषित किया गया था। जिसके तहत बीपीएल और गरीब के अलावा अन्य लोगों के घरों में भी शौचालय का निर्माण करना था। जिसके लिए सरकार की ओर से सहयोग राशि के तौर पर 4600 रुपए दिए गए थे। इसी पंचायत के सोसोखुर्द गांव में 132 लोगों के घरों में शौचालय का निर्माण कराना था, लेकिन एक का भी काम पूरा नहीं हो पाया।
इस संबंध में गोला पीएचईडी कनीय अभियंता सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि शौचालय निर्माण के लिए पंचायत में बनी ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के खाते में राशि भेज दी जाती थी और पंचायत के मुखिया के जिम्मे काम होता था। सोसोकला में जितना काम हुआ मुखिया को उतनी राशि दे दी गई है।
सोसोकला पंचायत की मुखिया स्नेहलता चौधरी ने कहा कि शौचालय निर्माण के लिए 4600 रुपए अनुदान में मिलता था और नौ सौ रुपए स्वयं लगाना था, लेकिन किसी ने ना तो श्रमदान किया ना ही राशि लगाई। जिस कारण शौचालय अधूरा पड़ा हुआ है।
इन लोगों के यहां अधूरे हैं शौचालय
मेहीलालमुंडा, मीठू मुंडा, तुलसी करमाली, सुखी करमाली, गोदो करमाली, भीषण करमाली, सुरेश रविदास, विशु करमाली, सुराम करमाली, हेमलाल मुंडा, आसो मुंडा छतीस मुंडा, भुना मुंडा, रोहन महतो, कान्हू महतो, नन्हु महतो, करमू महतो, गोलकनाथ महतो, ज्ञानी महतो, बालेश्वर साव, एतवरिया देवी, जलेश्वर साव, चैता महतो समेत अन्य लोग शामिल हैं।
धमनाटांड़ में अधूरा पड़ा हुआ शौचालय।