किसान का बेटा हांगकांग में पेश किया शोध
मां और पिता के साथ सुमंत कुमार।
राजकुमार | मगनपुर
साइंटिफिककंप्यूटिंग एंड पार्सियल डिफ्रेंशियल एक्यूबेंस 2014 (एससीपीडीई 2014) का बपरिस्ट विश्वविद्यालय हांगकांग द्वारा कलूनटंग हांगकांग में 8 से 12 दिसबंर तक आयोजित पांचवें अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में देश का प्रतिनिधित्व करने का गौरव गोला प्रखंड के पूरबडीह गांव निवासी फलेश्वर महतो का बेटा सुमंत कुमार को मिला है। उन्होंने वहां पर देशभर के जानेमाने गणितज्ञों के साथ मैथमेटिक्स डिपार्टमेंट पर फ्रेक्शनल वेव लेट ट्रांसफर मेशन एसोसिएटेड विथहैंकल क्लीफोर्ड ट्रांसफॉरमेशन पर अपनी शोध प्रस्तुति दी है। उस कांफ्रेंस में भारत की ओर से सुमंत के अलावा गौतम दत्ता आईआईआई टीडीएम जबलपुर और आईआईटी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के राजेश कुमार पांडे भी शामिल हुए। सुमंत वर्तमान में डिपार्टमेंट ऑफ अप्लाइड मैथमेटिक्स आईएसएम धनबाद में पीएचडी कर रहा है। उस कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए सुमंत को भारत सरकार द्वारा डीएसटी के तहत संचालित इंटरनेशनल ट्रेवल सपोर्ट स्कीम (आईटीएस) से सहयोग किया गया था। सुमंत ने प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय खरैयाटांड़ से प्राप्त की थी। इसके बाद उसने मैट्रिक 2003 में एसएस हाई स्कूल गोला से, इंटर 2008 में गोस्नर कॉलेज रांची से और स्नातक 2011 में रांची विश्वविद्यालय रांची से पास की थी।
मिलचुका है गोल्ड मेडल
सुमंतको वर्ष 2012 में रांची विश्वविद्यालय की ओर से मैथमेटिक्स डिर्पाटमेंट टॉपर्स में एवं ओवर ऑल मास्टर डिग्री में गोल्ड मेडल मिल चुका है।
मां-बापके लिए गौरव का क्षण
सुमंतके पिता फलेश्वर महतो मुख्य रूप से किसान हैं और वह सालों भर खेती बारी से जुड़े रहते हैं। जबकि मां गृहिणी हैं। दोनों बेटे के इस उपलब्धि को गौरव का क्षण बताते हैं।