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एक और बेसहारा गरीब की स्थिति हो चली है दयनीय

7 वर्ष पहले
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गोलाप्रखंड के बेटुलखुर्द में गरीबी की मार और इलाज के अभाव में कमलेश मुंडा का दम तोड़ने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि इसी तरह का एक और मामला सोसोकला पंचायत के सोसोखुर्द में सामने आया है, जहां इलाज के अभाव में हरदयाद मुंडा की 70 वर्षीय प|ी लालको देवी एक माह से बिस्तर पर पड़ी जिंदगी के लिए जंग लड़ रही है। अगर शीघ्र इनकी सुध नहीं ली गई तो एक और जिंदगी मौत के गाल में समा सकती है।

दपंतिको नहीं है पुत्र

हरदयालमुंडा और उसकी प|ी के अलावा उनके परिवार में देखभाल करने वाला कोई नहीं है। हदयाल इस उम्र में भी मजदूरी करके अपने और प|ी का पेट पाल रहे हैं। घर में अनाज के नाम में मात्र मकई है, जिसका घाठा (मकई का माड़) खाकर अपना पेट भरते हैं। हरदयाल की तीन बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है, जो पर्व त्यौहार में आकर हाल पूछकर चले जाती हैं।

नहींमिलती है वृद्धा पेंशन

सरकारीलाभ के नाम पर लगभग 15 वर्ष पहले एक इंदिरा आवास मिला हुआ है, जो अब पूर्ण रूप से जर्जर हो चुका है। उसने बताया कि आवेदन जमा करने के बाद भी उन्हें अबतक वृद्धा पेंशन नहीं मिला। वहीं महीने में 35 किलो चावल मिलता है, लेकिन अधिकतर महीने पैसे के अभाव में राशन भी नहीं उठा पाता हूं।

इस संबंध मंे गोला बीडीओ केके बेसरा ने कहा कि हरदयाल मुंडा उनकी प|ी के बारे में जानकारी नहीं थी। इसे तुरंत दिखवाया जाएगा और अहर्ताओं के तहत उनकी हर मदद की जाएगी।

प|ी के साथ हरदयाल मंुडा।