पारा 8 पर, क्षेत्र में शीतलहर
लौहांचलके पूरे इलाके में शनिवार को बादल छाया रहा। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी रिकार्ड की गई। एकाएक मौसम के मिजाज बदलने से कई क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार रविवार सोमवार को हल्की बारिश होने की संभावना है। ठंड का असर सबसे अधिक ओड़िशा से सटे इलाकों में पड़ा है। जैंतगढ़, चंपुआ, गुआ किरीबुरू, बड़ाजामदा आदि क्षेत्र में मौसम के बदले मिजाज के कारण पूरे वातावरण में धुंध पसर गया है। जगह जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में अधिकतम तापमान में भी एकाएक गिरावट आई है। अधिकतम पारा 27 डिग्री से गिरकर 22 डिग्री तक पहुंच गया, वहीं न्यूनतम तापमान भी 8 डिग्री पर है। ठंड बढ़ने से दिन कामकाजी लोग ही सड़कों पर नजर आए। बच्चे बूढ़े पूरे दिन घरों में दुबके रहे। ठंड के साथ ही हल्की हवा के कारण कनकनी भी बढ़ गई है।
डांगुवापोसी: शनिवारको आसमान दिनभर बादलों के साये में रहा, जिस कारण लोगों ने बीते दिनों की अपेक्षा शनिवार को ज्यादा ठंड महसूस किया। अहले सुबह से मौसम का मिजाज बदला था। लोग दिनभर स्वेटर, कोट, जैकेट, साल आदि को ओढ़कर अपनी दिनचर्या में लगे रहे।
जगन्नाथपुर: मौसमने अचानक करवट बदलकर लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शनिवार को लोग सुबह से ही गर्म कपड़े से ढके रहे। तापमान 25 से गिरकर 22 हो गया। मौसम वैज्ञानिक प्रमोद कुमार ने बताया कि 17 दिसंबर को आकाश बदलों से घिरा रहेगा। हल्की बूंदा-बांदी भी हो सकती है।
गुवा: गुवा, बड़ाजामदा इत्यादि इलाकों में मौसम ने दो दिनों से कहर बरपा रखा है। दिन भर छाए बादलों और उसके कारण बढ़ी ठंड से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शनिवार को हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिली। लोग दिन भर घरों में दुबके रहे। इससे कामकाजी लोगों एवं बच्चों को विशेष परेशानी हो रही है।
ऐसे करें बचाव
लोगोंको गर्म कपड़े पहन कर रहना चाहिए तथा हल्के गर्म पानी का सेवन करना चाहिए। अल्कोहल का इस्तेमाल हानिकारक हो सकता है। बाहर निकलने से पहले हल्का भोजन कर के निकलना बेहतर है। खजूर, बादाम और अखरोट का सेवन लाभदायक होगा। विटामिन ए, डी और से युक्त अनाज धूप का भरपूर सेवन करना चाहिए बच्चों को खुद से चिपकाएं बच्चों को उनके पास ले जाएं जिन्हें जुकाम हो रहा हो।
बीमारी का खतरा
इसमौसम में इनफ्लूएंजा, लेरिंजाईटिस, फेरिंजाईटिस, टॉन्सिलाइटिस और निमोनिय