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टीम इंडिया केडाउन अंडर दौरे पर खेले गए पहले टेस्ट

7 वर्ष पहले
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टीम इंडिया केडाउन अंडर दौरे पर खेले गए पहले टेस्ट में दुनियाभर की निगाहें जमी थीं। खेल भी शानदार हुआ। दोनों टीमें जमकर खेलीं। इस बात से भी सही सहमत होंगे कि यह टेस्ट क्रिकेट की जीत थी। हां, भारत को यह जरूर मलाल रहेगा कि उसने आखिरी वक्त पर ढिलाई दिखाकर ऑस्ट्रेलिया को जीतने का मौका दे दिया।

जब जीत मुट्ठी में लग रही थी तब भारतीय बैटिंग अचानक भरभरा गई। वह भी बिना ठोस वजह के। यकीनन, अंपायरिंग के मामले में भारत थोड़ा बदकिस्मत रहा। लेकिन मेरी नजर में यह आखिरी दिन टी-ब्रेक के बाद की मूर्खतापूर्ण बल्लेबाजी थी, जिसने भारत को हराया। इसमें गैरजरूरी साहस और घबराहट का मिश्रण था, जो भारत को बड़ा झटका दे गया। जब लक्ष्य करीब हो तब 73 रन पर आठ विकेट गंवा देना, उस जिम्मेदारी के साथ विश्वासघात है जो आप को सौंपी गई है। निश्चित ही आखिरी दिन उखड़ी पिच पर बल्लेबाजी आसान नहीं होती। लेकिन कोहली और विजय ने बॉलरों और फील्डरों को हताश कर दिया था। जीत का रास्ता साफ नजर रहा था। लेकिन बाकी बल्लेबाज खुद पर काबू में नहीं रख सके। लक्ष्य से भटक गए। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया को उसकी मानसिक दृढ़ता का इनाम मिला। उनकी जीत की भूख ने खेल को उनके पक्ष में मोड़ दिया।

हालांकि, इस भारतीय टीम की ज्यादा आलोचना भी नहीं की जानी चाहिए। युवा टीम पहली बार कप्तानी कर रहे कप्तान की अगुवाई में खेल रही थी। वह भी विदेशी मैदान पर। उसने जिस जुझारूपन का प्रदर्शन किया, वह काबिलेतारीफ है। लेकिन उसके इस प्रदर्शन का पुरस्कार और सहानुभूति स्कोरकार्ड में नहीं बदल सकता।

यह हार खिलाड़ियों को चुभेगी और ऐसा होना भी चाहिए। पिछले कुछ सालों में ऐसा कभी देखने को नहीं मिला जब भारतीय टीम विदेश में खेले गए टेस्ट में जीत के इतने करीब पहुंची हो। यहां एक जीत हमें ऑस्ट्रेलिया पर मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला देती। लेकिन हमने यह मौका गंवा दिया। इस हार से उबरना बड़ी चुनौती होगी। ऑस्ट्रेलिया ने भारत पर दबाव बरकरार रखना चाहेगा। क्या भारत पलटवार कर सकता है। बिलकुल। लेकिन उसके लिए टीम को एकजुट रहते हुए कड़ा परिश्रम करना होगा। और आत्म-अनुशासन की बड़ी जरूरत होगी।

जिस तरह से एडीलेड टेस्ट खेला गया, वह शानदार है। पांच दिन के खेल में गजब का उतार-चढ़ाव और रोमांच देखने को मिला। आखिरी दिन टी-ब्रेक के बाद ऊंट ने जो करवट बदली वह तो अविश्वसनीय था। बेहतरीन मैच का इ