छात्रों की आवाज दबाने वाले असली देशद्रोही
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के विवाद पर शनिवार को दिनभर राजनीतिक सरगर्मी जोरों पर रही। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की मंशा लेकर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिले। गृहमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि किसी बेगुनाह पर आंच नहीं आएगी। उधर देर शाम जेएनयू पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को एबीवीपी के सदस्यों ने काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। यहां राहुल गांधी ने कहा, असली देशद्रोही तो वे हैं, जो छात्रों की आवाज दबा रहे हैं।
देशद्रोह के आरोप में जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया था। वाम दल के नेताओं ने छात्रनेता को रिहा करने की मांग की। राजनाथ के साथ बैठक के बाद येचुरी ने कहा, \\\"हमने गृहमंत्री को अवगत कराया है कि जो भी हो रहा है, वह आपातकाल से भी बुरा है। साबित होना चाहिए कि जिन 20 लोगों को लक्ष्य बनाया जा रहा है, वह गलत है।\\\' उधर राजनाथ सिंह ने वाम नेताओं से चर्चा के बाद कहा, \\\"बेगुनाह छात्रों पर आंच नहीं आएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।\\\'
जेएनयू में मंगलवार को संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के सह-संस्थापक मकबूल भट्ट की बरसी पर एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें देश-विरोधी नारे लगे। बुधवार को दिल्ली स्थित प्रेस क्लब में भी एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई थी, जहां भारत विरोधी नारे लगाए गए और तख्तियां लहराई गईं।
छात्रों को संबोधित करते राहुल गांधी।
जेएनयू घटना की जांच रिपोर्ट दिल्ली पुलिस ने गृहमंत्रालय को सौंप दी है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट में पुलिस ने कहा है कि जेएनयू में 9 फरवरी को जो कार्यक्रम हुआ था, उसमें 90 छात्रों के एक समूह की अगुवाई छात्र संघ नेता कन्हैया ने ही की थी। रिपोर्ट में 14 अन्य छात्रों को भी आरोपी ठहराया गया है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
भाकपा सांसद डी राजा ने आरोप लगाया है कि उन्हें शुक्रवार रात किसी हिंदी भाषी ने फोन पर कहा कि वे भाजपा और एबीवीपी से मुकाबला क्यों कर रहे हैं। फोन करने वाले ने यह भी कहा कि उनकी (डी राजा की) बेटी जेएनयू के होस्टल में ही रहती है। उसे गोली मार दी जाएगी।