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सूरज ढलते ही गांवों में पसर जाता है सन्नाटा
जगन्नाथपुरप्रखंड में हाथियों का आतंक लगातार जारी है। प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांव हाथियों से प्रभावित हैं। इस कारण शाम होते ही हाथियों के खौफ से सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। इन दिनों खेेतों में धानकटनी चल रही है। खलिहान में धान रखा गया है। हाथियों का झुंड खलिहानों में पहुंचकर किसानों की फसल चट कर रहा है। इससे किसानों को आर्थिक क्षति के साथ मानसिक आघात भी पहुंच रहा है। फसल की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण दिन रात परेशान रहते हैं। रातजगा कर फसलों की पहरेदारी कर रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं की गई है, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
कड़कड़ाती ठंड में भी रतजगा को मजबूर ग्रामीण
डाउबेड़ाउप परिसर बीट क्षेत्र के सुदूर गांव जो जंगल से घिरे हैं, उनमें हाथियों का आतंक हमेशा छाया रहता है। शनिवार और रविवार की रात्रि भी गजराजों ने कासिरा, जोड़ापोखर, कुन्द्रीझोर, तेंतोड़ीपोसी बुढ़ाकमान आदि गांव में घुसकर आतंक मचाया। यहां के लोग कड़कड़ाती ठंड में भी रातजगा कर अपनी फसल की सुरक्षा में लगे हैं।
20 हाथियों का झुंड घूम रहा इलाके में
कासिरानिवासी नरसिंह कोड़ा ने बताया कि शनिवार रात को अचानक हाथियों का एक जत्था गांव के खलिहानों में गया और धान की फसल के साथ-साथ आस पास के खेतों की बागवानी को भी चौपट कर दिया। रात करीब 1.30 बजे 20 की संख्या में हाथी आए। काफी कोशिश के बाद हाथियों को पट्टाजैंत क्षेत्र हेन्देबुरू जंगल होते हुए सोसोपी की तरफ भगाया गया। इधर कुन्द्रीझोर के वार्ड सदस्य संदीप तिरिया ने बताया कि रविवार की रात करीब 8 की संख्या में हाथी कुन्द्रीझोर और जोड़ापोखर की तरफ आए। 10 बजे हाथी घुसे और ग्रामीणों के अथक प्रयास के बाद 12 बजे उनको जंगल की तरफ खदेड़ा गया।
मुआवजे का है प्रावधान: हाथियोंके द्वारा किसानों की फसल या जान माल का नुकसान पहुंचाया जाता है तो मुआवाजे का प्रावधान है। इसके लिए संबंधित इलाके के सीओ की रिपोर्ट पर वन विभाग कार्रवाई करता है। जिससे पीड़ित किसानों को मुआवजा राशि मिलती है।
इन्हें हुआ नुकसान : लुकनाहेस्सा रेगासाई करीब 15 क्विंटल धान, सनातन हेस्सा रेगासाई 10 क्विंटल धान, राजेश हेस्सा रेगासाई 12 क्विंटल धान, देवेन्द्र हेस्सा रेगासाई 10 क्विंटल धान, जमादार कोड़ा चुरलासाई 15 क्विंटल धान सहित टमाटर पालक, मटर आदि की खेती को नुकसान हुआ। इसके अलावा