जूते जुराबे पाकर बच्चे हुए खुश
नोवामुंडी. 20सितंबर को टाटा स्टील की नोवामुंडी लौह अयस्क खदान के कुछ अधिकारियों की एक कोशिश सुदूर ग्रामीण इलाके में ट्राइबल बच्चों के खिलखिलाने की वजह बनी है। जूते के अभाव में अब उन्हें नंगे पैर स्कूल नहीं जाना होगा।
टाटा एंगेज प्रोग्राम के तहत कंपनी अधिकारियों द्वारा अपनी जेब खर्च से जरूरतमंद बच्चों को बांटे गए जूते और जुराबें से यह संभव हुआ है। नोवामुंडी से 15 किमी दूर कादाजामदा के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, दिऊरीसाई में पढ़ने वाले बच्चों के लिए नोवामुंडी के कुछ अधिकारी उन्हें देने के लिए जूते और जुराबें लेकर पहुंचे। महाप्रबंधक (ओएमक्यू) एमसी थाॅमस खुद अधिकारियों की अगुवाई कर रहे थे। स्कूल की पारा शिक्षिका पार्वती के सहयोग से वाॅलयंटियर्स ने छोटे-छोटे बच्चों को जूते पहनाने में मदद की। इससे पहले बच्चे अपने नए जूते और जुराबें को देर तक देखते रहे। 56 बच्चों को जूते और जुराबें वितरित किए गए। इनमें से कई बच्चे ऐसे भी थे जिन्होंने पहली बार जूता पहना था। उनके चेहरे की खुशी भी देखने लायक थी। जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए खासतौर पर चीफ (पीएंडएल) बीडी मोहंती, निर्मल भट्टाचार्य, स्वाधीन चटर्जी ने प्रयास किए। इस दौरान क्षेत्र के गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
टाटा एंगेज प्रोग्राम के तहत जूते मिलने के खुश बच्चे।