आसछे बोछोर आवार एसो मां..
मांविद्यादायिनी सरस्वती की दो दिनों तक धूमधाम से पूजा-अर्चना हुई। रविवार को मां शारदे को भावभीनी विदाई दी गई। जगह-जगह विसर्जन जुलूस निकला। शिक्षार्थियों ने आसछे बोछोर आवार एसो मां के जयकारे के साथ विद्यादायिनी को अश्रुपूर्ण नेत्रों से विदाई दी। जुलूस में शामिल विद्यार्थी जमकर थिरके। अबीर-गुलाल उड़ाए।
हालांकि, कुछ प्रतिमाओं का विसर्जन सोमवार को भी किया जाएगा। तेलगाखड़ी कुम्हारटोली की प्रतिमा को देखने के लिए तीसरे दिन भी भीड़ उमड़ी। तेलगाखुरी में 15 फीट ऊंची प्रतिमा लोगों के लिए आकर्षकण का केंद्र बना है, वहीं कुम्हारटोली की 11 फीट ऊंची प्रतिमा को देखने के लिए भी भीड़ उमड़ रही है। डांगुवापोसी में रेलवे लाइन के समीप स्थित पंपू तलाब में कई प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया, जबकि जैंतगढ़ में विसर्जन वैतरणी नदी में किया गया।
धूमधाम से हुई पूजा
डांगुवापोसीरेलनगरी के विभिन्न सरकारी गैर सरकारी शैक्षाणिक संस्थान, चौक-चौराहों पर धूमधाम से मां सरस्वती की पूजा की गई। साथ ही कई स्थानों की प्रतिमाओं का विसर्जन रविवार को किया गया। आयोजन समितियों ने मनमोहक पंडाल का निर्माण किया था, जहां हर्षोल्लास के साथ पूजा-अर्चना की गई। तोडांगहातु फाटक टोला, गोप टोला आदि जगहों में भी सुंदर पंडाल बनाए गए थे, जिसे देखने के लिए भीड़ उमड़ी। फोटो
नमआंखों से दी विदाई
जैंतगढ़में दो दिनों तक मां सरस्वती की धूमधाम से पूजा-अर्चना हुई। रविवार को शिक्षार्थियों ने नम आंखों से मां सरस्वती को विदाई दी। विसर्जन जुलूस में विद्यार्थी जमकर थिरके। उच्च विद्यालय बेसिक स्कूल, सरस्वती शिशु विद्या मंंदिर, चंन्द्रमनी शिक्षा बिहार नयाबाजार जैंतगढ़ में सुबह मां की विशेष पूजा हुई। आरती के बाद प्रतिमा का वैतरणी नदी में विसर्जन किया।
जैंतगढ़। मां सरस्वती का विसर्जन जुलूस निकालते बच्चे।
डांगुवापोसी। विसर्जन जुलूस में नृत्य करते युवक-युवतियां।