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जहां नक्सलियों उड़ाया था कैंप, वहीं उतरे राजनाथ

7 वर्ष पहले
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पूरा प्रशासनिक अमला रहा सारंडा में मौजूद

राजनाथकी आगवानी के के लिए समूचा प्रशासनिक अमला थोलकोबाद में मौजूद था। उनके साथ मुख्य सचिव सुबोध प्रसाद , डीजीपी राजीव कुमार, के विजय कुमार, सीआरपीएफ के निदेशक दिलीप त्रिवेदी, केंद्रीय गृह सचिव गणपत, सीआरपीएफ के आईजी आरके मिश्रा, सीओ नदीम अहमद, द्वितीय कमाना अधिकारी जेके ओझा, उपायुक्त अबु बकर सिद्दीकी, डीआईजी मो. निहाल, एसपी नरेंद्र कुमार, एसडीपीओ अंजनी झा, डीएफओ एसआर नटेश , केके तिवारी समेत कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जल्दनौकरी का दिलाया भरोसा

तीनवर्ष पूर्व सारंडा में विशेष अभियान तहत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के कुछ लड़कों को सीआरपीएफ में बहाली के लिए मेडिकल फिट घोषित किया गया था, परन्तु उन्हें अब तक नौकरी नहीं मिली। वे सभी युवक राजनाथ के पास पहुंचे और अपनी बात बताई। मौके पर मौजूद गृह विभाग के संयुक्त सचिव गणपत ने मामले की पूरी जानकारी गृह मंत्री को दी, जिसके बाद उन्होंने युवकों को बेटे तुमलोगों की जल्द नौकरी होगी।

आत्मीयता से मिले और बेटा कह की बातचीत

थोलकोबादमें केंद्रीय गृह मंत्री सीआरपीएफ के जवानों से बड़ी आत्मीयता से मिले। उन्हें गले लगाया और उनकी बात ध्यान से सुनी। जवानोंं को वे बेटा कह कर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने खाना भी जवानों के साथ ही खाया। जवानों के साथ गृहमंत्री जितनी देर रहे, पूरी आत्मीयता से बातचीत की। इतना ही नहीं वे सीधे ग्रामीणों के बीच पहुंचे गए और एक बच्ची को गोद में उठा लिया। उन्होंने महिलाओं को साड़ी भी दी।

विकासमें सहयोग का दिया आश्वासन

दुर्गमक्षेत्रों में जवानो को हो रही असुविधा से निजात दिलाने के लिए राजनाथ ने जवानों को हर संभव सुविधा दिलाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने सारंडा के विकास में सहयोग देने की अपील की।

अिधकािरयों और जवानों से काफी घुल मिल कर बातें कीं।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह थोलकोबाद में पहुंचने पर काफी उत्साहित नजर आए।

कैंप में अधिकारियों से संग बैठे राजनाथ।

फुर्सत मिली तो पत्रकारों से भी हुए रू-ब-रू।

जवानों के साथ कंधा मिला कर कराया अपनत्व का अहसास।

आंगतुक रजिस्टर में अपनी बात लिखते गृहमंत्री

कैंप पहुंचने पर स्वागत को तैयार ग्रामीण।

गृहमंत्री का संबोधन सुनते जव