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चिरिया के मजदूर करेंगे भूख हड़ताल

7 वर्ष पहले
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यूनाईटेडमिनरल वर्कर्स यूनियन के बैनर तले मंगलवार को चिरिया माइंस के मजदूरों की एक बैठक यूनियन सेक्रेटरी लाडो जोंको की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में विगत 6 सितंबर से बंद पड़ी चिरिया माइंस को लेकर चर्चा हुई। बैठक में तय हुआ कि मांगें पूरी नहीं होंगी तो मजदूर भूख हड़ताल करेंगे। इसके अलावा मजदूरों की मौजूदा स्थिति तथा बंद माइंस को चालू करने समेत अन्य कई बिन्दुओं पर भी चर्चा की गई। मौके पर मजदूरों ने तमाम स्थितियों से अपने नेताओं को अवगत कराया। साथ ही माइंस ठेकेदार धनसार इंजीनियरिंग प्रा. लि. द्वारा हाल में मजदूरों की छंटनी संबंधी नोटिस को लेकर भी चर्चा की। मौके पर श्रीमती जोंको ने मजदूरों को कहा कि माइंस बंद होने के पीछे सेल की सबसे बड़ी लापरवाही रही है। साथ ही कहा कि मजदूरों पर अत्याचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने माइंस ठेकेदार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि माइंस में ठेकेदार की मनमानी नहीं चलेगी। मजदूरों की छंटनी के मामले में यूनियन की ओर से पुरजोर विरोध करते हुए जोरदार आंदोलन किया जाएगा। बैठक में शशि कुमार, अंबुज कुमार ठाकुर, विश्वनाथ मुंडारी, मोतीलाल जतरमा, गोनी कुमार, कुमार, बहादुर सांडिल, सुबन गोप, रामलाल कुमार, लुकस सुरीन, करम सिंह पूर्ति, अमर सिंह समद समेत काफी संख्या में मजदूर उपस्थित थे।

धुबिल माइंस , चिरिया

भूख हड़ताल पर बैठेंगे मजदूर

रोजाना करोड़ों का हो रहा नुकसान

माइंसके बंद होने से सिर्फ माइंस मजदूर बल्कि माइंस में चलने वाले वाहन मालिकों, सेल तथा रेलवे को भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक अनुमान के अनुसार इन सबों को रोजाना करीब 1 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। माइंस में अयस्क के परिवहन में 150 वाहन लगे है।

इस बार फीकी रहेगी दुर्गापूजा

माइंसके बंद होने से मजदूरों उनके परिवार वालों की दुर्गा पूजा इस बार फीकी रहेगी। यदि इन्हें हर साल की भांति बोनस मिल जाय तो शायद उम्मीद की किरण जगे।

आज होगी त्रिपक्षीय वार्ता

सेल के खिलाफ मजदूरों ने की साइडिंग में बैठक

^आज चिरिया माइंस की हालत के लिए सेल प्रमुख रूप से जिम्मेवार है। सेल की लापरवाही के चलते मजदूरों के समक्ष भूखों मरने की नौबत गई है। उस पर माइंस ठेकेदार मजदूरों की छंटनी करने की बात कर रहे हैं। वहीं 24 को चिरिया में होनेवाली बैठक में कोई निष्कर्ष नहीं निकलता है तो मजदूर भूख