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नहाय खाय संपन्न, जिउतिया आज

7 वर्ष पहले
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जिउतियापर्व को लेकर सोमवार को व्रतधारियों उनके परिजनों ने जमकर खरीदारी की। चाईबासा, जैंतगढ़ नोवामुंडी, बड़ाजामदा गुवा क्षेत्र में बाजारों में सोमवार को गहमा-गहमी देखी गई। मडु़आ का आटा, बद्धी डाढ़ा के अलावा लोगों की भीड़ फल सब्जियों की दुकानों पर भी रही।

सोमवार को सब्जियों की दर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई। जिउतिया के लिए उपयोग में आने वाला खीरा 20 से बढ़कर 40 रुपए किलो हो गया। शाम होते-होते बाजार से सब्जियां गायब हो गईं। केवल टमाटर, बैगन, साग आदि ही बाजार में उपलब्ध रह गए। फल सब्जियों का भव भी 10 से 20 रुपए तक बढ़ा, लेकिन इसका असर खरीदारी पर नहीं पड़ा।

जिउतिया के लिए बाजार में खरीदारी करती महिला।

पवित्र वैतरणी नदी में स्नान कर की गई पूजा

जैंतगढ़|पतिपुत्र की दीर्घायु, सुख सौभाग्य समृद्वि की कामना के लिए जीवित्पुत्रिका (जिउतिया) व्रत पूजा जैंतगढ़ आस-पास के क्षेत्रों में मंगलवार को की जाएगी। संतान वती माएं इसकी तैयारी में जुट गई हैं। इसे लेकर सोमवार को नहाय खाय नियम का पालन किया गया। सुबह महिलाओं ने पवित्र वैतरणी नदी में स्नान करने के बाद गीले वस्त्रों में झींगा की तीन पत्तियों पर चिल्हो (चिल) सियारों (सियार) एवं जितवाहन भगवान के नाम से सरसों का खल्ली पानी में भिगाकर चढ़ाया। इसके बाद घर में पूजा पाठ करने कर भोजन ग्रहण किया। इस तरह नहाय खाय का कार्यक्रम संपन्न हुआ। मंगलवार को जिउतिया के दिन व्रती दिनभर निर्जला उपवास रहकर पति पुत्र की लंबी आयु, सुख-समृद्वि के लिए सामूहिक रूप से एकत्रित होकर भगवान जितवाहन चिल्हो सियारों की कथा सुनेंगी। पूजा कथा के बाद पंडित दूसरे दिन पारन करने का समय मुहूर्त बताते हैं। दिनभर रातभर निर्जला व्रत रखने के बाद दूसरे दिन सुबह पंडित द्वारा निर्धारित मुहूर्त पर स्नान पूजा के बाद वर्ती पारन करती हैं।