29 कर्मियों से मांगा स्पष्टीकरण
वित्तीयवर्ष 2014-15 में चक्रधरपुर प्रखंड में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का प्रदर्शन अत्यंत खराब रहा। वित्तीय वर्ष में योजना की पूर्णता शून्य है, जबकि वित्तीय वर्ष समाप्ति पर है। उप विकास आयुक्त ने कार्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर प्रखंड के 29 कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं स्पष्टीकरण का निष्पादन होने तक उनका वेतन रोक रखा है। उपायुक्त ने 22 जनवरी 2014 को चक्रधरपुर में मनरेगा को लेकर अनुमंडल स्तरीय समीक्षा बैठक की थी। जिसमें मनरेगा कार्य के प्रति कर्मियों का घटिया प्रदर्शन पाया गया था। कर्मियों के प्रदर्शन से उपायुक्त और डीडीसी खासे नाराज हैं। प्रखंड के 14 पंचायत तथा 15 रोजगार सेवकों से उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई क्यों हो, इसका स्पष्टीकरण मांगा गया है।
प्रखंड कार्यालय चक्रधरपुर।
इन रोजगार सेवकों से मांगा गया स्पष्टीकरण
पंचायतबाइपी के रोजगार सेवक मितेश सामंत, भरनियां एवं नलिता के अर्धेंदु शेखर प्रधान, चैनपुर की सरिता कुमारी, चंद्री की बालेमा तियू, गोपीनाथपुर की हेमंत कुमार महतो, गुलकेड़ा के मनोज सिंकू, हथिया एवं केरा के बालेंद्र तियू, होयोहातु की पूनम कुमारी, इटिहासा के बासुदेव दास, इटोर के शिवचरण महतो, कोलचकड़ा के मनोज कुमार बिरुवा, कुलीतोड़ांग के रोहित कुमार मिस्त्री, पदमपुर के सुनील विश्वकर्मा, सिमिदीरी के अनिल बिरुवा, सुरबुड़ा की मोनिका गुप्ता शामिल हैं।
इन पंचायत सेवकों से मांगा गया स्पष्टीकरण
पंचायतबाईपी के पंचायत सेवक प्रदीप बोदरा, भरनियां के कृपा शंकर सुंडी, चैनपुर के चितरंजन गोप, चंद्री के हरकृष्ण नायक, गोपीनाथपुर के जगन्नाथ महतो, गुलकेड़ा एवं पदमपुर के सिद्धेश्वर होनहागा, हथिया एवं इटोर के हरेकृष्णा नायक, होयोहातु के सोमनाथ पिंगुवा, इटिहासा के डोमन प्रधान, केरा के विलसेन हेरेंज, कुलीतोड़ांग के गिरधारी बारिक, नलिता के कालीपदो पाल, सिमिदीरी के दिलीप भुइयां, सुरबुड़ा के मशकल दिलीप भुइयां शामिल हैं।