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मनरेगा के कार्यों में गुमला जिला फिसड्डी : आयुक्त
मनरेगाआयुक्त राहुल पुरवार ने जिले के अधिकारियों के साथ बुधवार को मैराथन बैठक कर मनरेगा के तहत जिले में संचालित योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले में मनरेगा के तहत संचालित कार्यों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मनरेगा के कार्य में देवघर जिला ने 80 करोड़ रुपए खर्च किए लेकिन गुमला जिला महज 16 करोड़ रुपए खर्च किया है। काम नहीं होने के कारण मनरेगा में गुमला जिला फिसड्डी है।
गुमला-सिमडेगा के सामाजिक वानिकी के वन प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा मनरेगा के कार्य में असहयोग करने की बात सामने आई। सड़क के किनारे सामाजिक वानिकी द्वारा पौधरोपण करने संबंधि प्रस्ताव अबतक नहीं दिया गया है। इस पर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर करते हुए उपायुक्त को आदेश दिया कि अगर उपरोक्त पदाधिकारी मनरेगा में काम नहीं करते हैं, तो निलंबन की अनुशंसा करें। राज्य स्तर से उनपर कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने गुमला जिला में ट्री पट्टा का लाभ लाभुकों को अबतक नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताई। बताया गया कि सड़कों के किनारे पौधरोपण के बाद एक किमी के अंदर लगाए गए दो सौ पौधों की देखरेख ट्री पट्टाधारक को करनी है। उन्हें प्रति माह तीन हजार रुपए दिए जाएंगे। साथ ही ट्री पट्टाधारक सभी पेड़ों के फल का धारक होगा। इसको लेकर ग्रामसभा के माध्यम से ग्रामीणों को जानकारी देनी है।
लेबरबजट की हुई समीक्षा
बैठकमें मनरेगा आयुक्त ने राज्यस्तरीय बैठक में प्रस्तुत किए गए लेबर बजट की समीक्षा की। उन्होंने जिले के सभी बीडीओ से एक-एक कर उनके अनुभवों की जांच की। बीडीओ से पूछा कि इस बार मनरेगा में नया क्या देखने को मिला। सभी बीडीओ ने कहा कि मनरेगा में लबली उड से संबंधित कई योजना आयी है। पलायन रोकने संबंधी योजना है। बीडीओ ने ऑफ सीजन में जीविकोपार्जन के उद्देश्य से मजदूरों के लिए कुछ योजनाएं शामिल करने की बात कही। बैठक में उपायुक्त गौरी शंकर मिंज, उप विकास आयुक्त अंजनी कुमार, एसडीओ नेहा अरोड़ा, प्रशिक्षु आईएएस सूरज कुमार, डीआरडीए निदेशक रंजना बर्मन, डीपीओ अरुण कुमार सिंह, डीएफओ कुमार आशुतोष समेत सभी प्रखंडों के बीडीओ, बीपीओ उपस्थित थे।
तसरलाह उत्पादन को देना है बढ़ावा
बैठकमें बताया गया कि मनरेगा के तहत तसर लाह के उत्पादन को बढ़ावा देना है। वाटर शेड कार्यक्रम के छह वाटर शेड का निर्माण किया जाना था। इसमें वन विभाग द्वारा दो वाटर शेड का निर्माण किया जाना था। जो मनरेगा के तहत कनवर्जन नहीं किया गया। इसपर आयुक्त ने नाराजगी जाहिर करते हुए दो दिनों के अंदर काम पूरा करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने बताया गया कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा पंचायतों में शौचालय का निर्माण किया जा रहा है।
निर्मल भारत अभियान के तहत जिन गांवों का चयन नहीं हो सका है उन गांवों का चयन कर बीडीओ को एक-दो शौचालय का निर्माण कराने का निर्देश दिया। सीएफटी के तहत मनरेगा की योजनाएं अधिक ली जा सके इस निमित कई एनजीओ को दायित्व दिया गया है। सभी एनजीओ को जिला प्रखंड स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने का निर्देश दिया गया। जिला प्रखंड स्तर पर समन्वय समिति का विस्तार करने का निर्देश दिया गया।
आयुक्त ने कहा कि मनरेगा से जुड़े सभी विभाग टीम वर्क के साथ काम करें। सभी एक-दूसरे को सहयोग दें। सीएफटी के तहत इनसेंटी ब्लॉक में मेठ का चयन हर हाल में स्वयं सहायता समूहों से किया जाए। साथ ही अन्य ब्लॉकों में भी महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में बताया गया कि नन इनसेंटी ब्लॉक के प्रत्येक पंचायत जहां 2500 से अधिक एक्टिव मजदूर हैं। वहां एक इंजीनियर बहाल किया जाएगा। प्रत्येक पंचायतों को एक अप्रैल से एक-एक टैबलेट दिया जाएगा। प्रत्येक प्रखंड के बेहतर कार्य करने वाले पंचायतों को योजनाओं के क्रियान्वयन आंकड़ा संरक्षण करने पर अवार्ड दिया जाएगा। इसके अलाव बैठक में एक सप्ताह का अभियान चलाकर मजदूरों का आधार सीडिंग करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारी।