दिलों में बसे हैं फादर बनफल : फा. कुजूर
संतइग्नासियुस हाई स्कूल सभागार में बुधवार को स्व. फादर पीपी बनफल की 86वीं जयंती मनाई गई। इस मौके पर फादर पीपी बनफल से संबंधित स्मारिका का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रांची प्रोविंस के प्रोविंसियल फादर जे मरीयानुस कुजूर, विशिष्ट अतिथि भूतपूर्व प्रोविंसियल फादर जेवियर सोरेन, अमेरिका के मैथ्यू कैब, रेक्टर ख्रिस्टोफर लकड़ा, प्राचार्य फादर एरेंसियुस मिंज, एराउज के निदेशक फादर थॉमस बारला ने दीप जलाकर फादर पीपी बनफल के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि ने कहा कि फादर पीपी बनफल प्रतिभा के धनी थे। वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने व्यक्तित्व कार्यों के कारण वे लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। उन्होंने शिक्षा खेल के क्षेत्र में गुमला जिला की पहचान राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिलाई।
आज हमें उनके बताए मार्ग पर चलने की जरूरत है। विद्यालय प्राचार्य फादर एरेंसियुस मिंज ने कहा कि फादर पीपी बनफल बेल्जियम से गेहूं का बीज बनकर आये, यहां फूले और यही की मिट्टी में समाहित हो गए। वे दूरदर्शी कर्मयोगी थे। विद्यार्थीयों खिलाड़ियों के गुणों को वे दूर से ही पहचान लेते थे। उनकी प्रतिभाओं को सामने लाने के लिए फादर ने चक्रव्यूह खेल की शुरुआत की। इस खेल के माध्यम से कई प्रतिभागी राष्ट्रीय अंतर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचे। अपने समाजिक दायित्वों का निवर्हन करते हुए अन्होंने गांव में रात्रि पाठशाला चलाया। एराउज म्यूजियम की स्थापना की। फादर पीपी बनफल के करीबी रहे विवेक राय, कामेल डुंगडुंग, सिलवानुस केरकेट्टा, भूतपूर्व विधायक बेनार्ड मिंज आदि लोगों ने अपने-अपने विचार प्रकट किये। मौके पर फादर पीपी बनफल द्वारा उनके सपनो से संबंधित बनाये गये विडियो की प्रस्तुति की गई। इस मौके पर फ्रांसिस मिंज, प्रो लोतेम डुंगडुंग, कामेल डुंगडुंग, मुरली मनोहर प्रसाद, डोमन राम मोची, शंकर जाजोदिया, जेवियर एक्का, सेत कुमार एक्का, फादर सी लकड़ा, अजिता लकड़ा, शांति मारगेट बाड़ा, राधा लाल, नम्रदेश्वर पाठक, नीलम प्रकाश लकड़ा, फादर मनोहर खोया, नेमहा रेणुका मिंज, नुपूर डुंगडुंग, मोहित टोप्पो, तारा शंकर मुखर्जी, राम विनय मिश्र, कुलदीप बा, लजारियुस कुजूर, समेत छात्र- छात्राएं उपस्थित थे।
दीप प्रज्वलित करते अतिथि।
मंच पर मौजूद मुख्य अतिथि, प्राचार्य अन्य।