40 दिन बाद घर पहुंचा अंकित
40 दिनों तक अपहर्ताओं के चंगुल में रहने के बाद छूटकर भागा अंकित साहू (14 वर्ष) शनिवार को अपने घर जलडेगा पहुंच गया। अंकित का अपहरण 24 जुलाई को गुमला जिले के तिर्रा गांव से संत इग्नासियुस हाई स्कूल जाने के दौरान हो गया था। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल रहा था। उसकी मां वीणा देवी ने डीजीपी आपके द्वार कार्यक्रम में डीजीपी से बेटे की वापसी के लिए गुहार लगाई थी। शनिवार को पुलिस ने अंकित साहू की खोजबीन के लिए उसकी तस्वीर युक्त विज्ञप्ति अखबार में प्रकाशित कराई थी। 24 जुलाई को अंकित का अपहरण करने के बाद अपहर्ताओं ने उसे लोहरदगा के निकट किसी जंगल में गुफा में रखा था। पांच सितंबर को अंकित अपहर्ताओं को चकमा देकर वहां से भाग निकला था। इधर गुमला पुलिस ने परिजनों को रविवार को गुमला बुलाया है।
घर पहुंचा अंकित अपने माता पिता के साथ।
काली वर्दी वाले लोगों ने किया था अपहरण
घरलौटे अंकित साहू ने बताया कि ऑटो से स्कूल जाने के दौरान चार लोगों ने उसके चेहरे को कपड़े से ढंककर अपहरण कर लिया था। इसके बाद वे उसे जंगल स्थित एक गुफा में रख रहे थे। रात में उसे मोटरसाइकिल से दूसरे स्थानों पर ले जाया जाता था तथा बाद में उसी गुफा में ले आते थे। अपहरण करने वालों की संख्या करीब 25 थी। वे काली ड्रेस पहने रहते थे। सभी के पास बंदूक रहती थी। अंकित ने बताया कि पांच सितंबर को वह मौका पाकर वहां से भागा तथा रेलवे लाइन पर चलते हुए लोहरदगा स्टेशन पहुंच गया। लोहरदगा से ट्रेन में बैठकर रांची पहुंचा। उस समय तक उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी और वह किसी को घर का पता भी नहीं बता पा रहा था। तीन दिनों तक उसने एक मिस्त्री के यहां गैरेज में काम किया। मानसिक स्थिति थोड़ी ठीक हुई तो उसने मिस्त्री को लापुंग स्थित अपनी ननिहाल के बारे जानकारी दी। तब मिस्त्री ने उसे शुक्रवार को नानी घर पहुंचा दिया। इसके बाद जलडेगा में उसके परिवार को खबर मिली।