- Hindi News
- इस हाल पर भी नहीं पसीजता बैंक अधिकारियों का दिल
इस हाल पर भी नहीं पसीजता बैंक अधिकारियों का दिल
पेंशन लेने के लिए बैंक पहुंची वृद्ध महिलाएं।
कई वृद्धाओं ने की बैंक की शिकायत
पेंशनलेने आई अन्य वृद्धाओं बंधनी देवी, फुलो देवी, रंभा देवी, पार्वती देवी, गुरुवारी देवी, रैमनी देवी, सोमारी देवी, पदमनी देवी आदि ने बताया कि वे लोग भी तीन बार बैंक से लौट चुकी हैं। एक बार बैंक आने में दो सौ रुपए ऑटो किराया खाना में खर्च हो जाता है। इन वृद्धाओं का कहना था कि बैंककर्मी उन्हें जरूरत के अनुसार राशि नहीं निकालने देते तथा पर्ची भरने से पहले राशि की लिमिट बता देते हैं। उससे ज्यादा भरने पर खाता में पैसा होने के बावजूद भुगतान नहीं किया जाता है। वृद्धाओं का कहना था कि पेंशन का पैसा लेने के लिए उन्हें बहुत पीड़ा झेलनी पड़ती है। इधर आम लोगों का भी कहना था कि को ऑपरेटिव बैंक में ग्राहकों को कभी समय पर भुगतान नहीं मिलता है। बैंक अधिकारी कई बार लिंक नहीं होने की बात कहते हुए टाल देते हैं। व्यापारियों को जरूरत के मुताबिक राशि नहीं मिलती।
> 25 किमी दूर से आती हैं वृद्धा पेंशन लेने के लिए बैंक
दिनेशसाहू | जलडेगा
पेंशनलेने के लिए आने वाली वृद्धाओं को होने वाले अपार कष्ट से भी नहीं पसीजतें हैं बैंक अधिकारी। जलडेगा के गुमला-सिमडेगा सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक में कई चक्कर काटने के बाद वृद्ध-वृद्धाओं को पेंशन की राशि मिलती है। खाते में राशि होने के बावजूद बैंक इन्हें पूरी राशि नहीं देता है। बुधवार को पेंशन लेने आई एक नेत्रहीन वृद्धा ऑटो की डिक्की में लेटकर पहुंची थी।
करीब 25 किमी दूर स्थित गांव से गड्ढों भरी सड़क पर चलकर पहुंचे ऑटो में पड़ी वृद्धा का हाल देखकर कई लोगों के मुंह से निकला कि ऐसे में भी क्यों नहीं पसीजता बैंक अधिकारियों का दिल। लोगों का कहना था कि उतनी दूर से बदहाल सड़क पर टेम्पो की सीट में बैठकर आने पर भी जवान आदमी की हालत खराब हो जाती है। ऐसे में वृद्धा को पेंशन के लिए कितना कष्ट उठाना पड़ा इसे अनुमान नहीं लगाया जा सकता। पोमिया गांव की उक्त वृद्धा जमुना देवी अपनी बहु श्रीवती देवी के साथ आई थी। तीन बार से लौट रही जमुना को आज भी पूरा पैसा नहीं दिया गया। श्रीवती देवी ने बताया कि काफी मिन्नत करने के बाद भी बैंक वालों ने खाते में 995 रुपए रोक लिए। पेंशन लेने आने वाली वृद्धाओं को बार-बार दौड़ाए जाने के सवाल पर बैंक में मौजूद कर्मचारियों ने कुछ भी कहने से इंकार किया। इस बार