पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नतीनी की परवरिश की गुहार

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सीडब्ल्यूसी को आवेदन देकर नातिन की परवरिश की लगाई गुहार

भास्करन्यूज| गुमला

जिलामुख्यालय से 15 किमी दूर खरका पंचायत के डुमरला पोकमा गांव की दस वर्षीय सीमा कुमारी के पिता तीहा उरांव की मौत के बाद उसकी मां लोहरो देवी उसे छोड़कर चली गई। लोहरो कहां है। इसकी जानकारी परिजनों को नहीं है। मां के जाने के बाद सीमा का लालन पालन शिक्षा-दीक्षा उसके नाना ठीबू उरांव नानी जतरो देवी कर रही थीं।

सीमा डुमरला मिडिल स्कूल में पांचवी कक्षा की छात्रा है। नानी जतरो के निधन के बाद सीमा का लालन पालन शिक्षा दीक्षा में नाना ठीबू असक्षम हो गए। इससे सीमा की पढ़ाई बाधित हो गई। ठीबू ने गांव के सामाजिक कार्यकर्ता सह एसीएस के सदस्य मंगल उरांव से मिलकर अपनी पीड़ा बताई। इसपर मंगल मंगलवार को सीमा उसके नाना को साथ लेकर सीडब्ल्यूसी पहुंचे। सीमा के नाना ने आवेदन देकर सीमा के संरक्षण की गुहार लगाई। ठीबू ने बताया कि सीमा जब तीन साल की थी। उस समय उसके पिता तिहा उरांव की मौत हो गई।

इसके एक साल के बाद मां लहरो उसे हमलोगों के पास छोड़ कर भाग गई। मैं और सीमा की नानी खेतीबारी कर उसका लालन पालन पढ़ाई कराते थे। लेकिन एक साल पहले नानी की भी मौत हो गई। इसके बाद वे पूरी तरह टूट गए। वृद्ध अवस्था होने के कारण सीमा की परवरिश नहीं कर पा रहे थे। जिससे उसका भविष्य अंधकार में है। उसे भय है कि मेरी मौत के बाद सीमा का क्या होगा। इसलिए इसे सीडब्ल्यूसी लाकर सौंप दिए।

ठीबू को सीमा की भविष्य की चिंता

मंगलउरांव ने बताया कि ठीबू काफी गरीब है। बेटी के भाग जाने के बाद वह अपनी प|ी के साथ मिलकर सीमा की परवरिस कर रहा था। मगर प|ी की मौत के बाद ठीबू को सीमा की भविष्य की चिंता सता रही थी। वह उसकी परवरिस नहीं कर पा रहा है।

सीमा को बाल गृह में रखा गया है : संजय

इससंबंध में सीडब्ल्यूसी सदस्य संजय भगत ने कहा कि सीमा के नाना ने आवेदन देकर उसके संरक्षण की मांग की है। सीडब्ल्यूसी ने सीमा को संरक्षण में लेकर विकास भारती बिशुनपुर की ओर से संचालित बाल गृह में रखा है। जहां वह पढ़ाई पुन: शुरू करेगी।

खबरें और भी हैं...