पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • व्यवसायी दंपती 14 माह बाद भी लापता

व्यवसायी दंपती 14 माह बाद भी लापता

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अंतिम बार 17 जून को हुई थी दिलीप से बात

बेटाविवेक ने बताया कि केदारनाथ की यात्रा पर गए पिता दिलीप मंत्री से मोबाइल पर अंतिम बात 17 जून 2013 को हुई थी। उन्होंने बताया था कि हम यहां सकुशल हैं। केदारनाथ मंदिर के समीप एक धर्मशाला में में ठहरे हुए हैं। बहुत ही जल्द वापस लौट जाएंगे। उनसे पांच मिनट बात हुई थी, इसके बाद फोन कट गया। इसके बाद से माता-पिता का कोई पता नहीं चला सका है। घटना के कुछ दिनों तक तो एक आशा थी कि वे लौट आएंगे, परंतु लंबा समय गुजर गया। अब तो धैर्य का बांध टूट गया है। उत्तराखंड सरकार ने परिजनों की कोई खोज खबर नहीं ली।

भास्कर न्यूज | गुमला

गुमलाके कपड़ा व्यवसायी दिलीप मंत्री उनकी प|ी बेला मंत्री का चौदह माह के बाद भी पता नहीं चल सका। मंत्री दंपती 8 जून 2013 को केदारनाथ के लिए गुमला से निकले थे। गौरतलब है कि पिछले वर्ष जून माह में केदारनाथ हरिद्वार में बाढ़ के साथ भूस्खलन की घटना हुई थी। इसमें मंत्री दंपती समेत 17 लोग लापता हो गए थे। इस घटना के बाद केंद्र सरकार, उत्तराखंड झारखंड सरकार व्यवसायी दंपती का पता नहीं लगा सकी है। उत्तराखंड सरकार अब तक उनके परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र भी निर्गत नहीं कर सकी है। विधायक कमलेश उरांव के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने दिलीप मंत्री के परिजनों से मिलकर मदद करने का भरोसा दिया। विधायक ने कहा कि इस मामले में केंद्र उत्तराखंड सरकार उदासीनता बरत रही है। उत्तराखंड सरकार ने मंत्री दंपती के परिजनों को अब तक मृत्यु प्रमाण पत्र भी निर्गत नहीं किया है। ही सरकार की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य केंद्र सरकार से बात कर समाधान निकाला जाएगा। मंत्री दंपती के परिजनों से मिलने वालों में भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सविंद्र कुमार सिंह, श्याम साहू, निर्मल कुमार समेत कई लोग उपस्थित थे।

आठजून को हरिद्वार के लिए निकले थे दंपति : बेटाविवेक मंत्री ने बताया कि उनके पिता दिलीप मंत्री मां बेला देवी 8 जून 2013 को संबलपुर गए थे। वहां से अन्य 17 लोगों के साथ हरिद्वार गए थे। इसके बाद वे प्राकृतिक आपदा में फंस गए। उनके पिता के साथ गए लोगों में सिर्फ दाे लोग संबलपुर निवासी सूरज रतन राठौर और विनोद कुमार मंत्री सकुशल घर लौट सके। दोनों लोग रिश्ते में क्रमश: मामा और मौसा लगते हैं।



दिलीप म