देश समाज के विकास के लिए बनें छोटा वनफल
सभी वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए वनफल ने खुद को समर्पित किया
भास्करन्यूज | गुमला
फादरपीटर पॉल वनफल की 87वीं जयंती पर संत इग्नासियुस स्थित एराउज के सभागार में कार्यक्रम आयोजित कर उनकी प्रतिमा का प्रतिष्ठापन अनावरण किया गया। मुख्य अतिथि भूतपूर्व महालेखाकार बेंजामिन लकड़ा ने प्रतिमा का अनावरण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद बेंजामिन, प्रोविंसियल फादर मरियानुस जोसेफ कुजूर, फादर जेवियर फादर इोनसियुस ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्य अतिथि ने कहा कि फादर वनफल सर्वगुण संपन्न प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे।
उन्होंने सभी वर्गों के लोगों के उत्थान के लिए स्वयं को पूर्ण रूप से समर्पित कर दिया। गुमला को खेल नगरी के रूप में पहचान दिलाई। गुमला को विश्व के मानचित्र पर अंकित किया। यहां के कई छात्रों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि फादर वनफल ने जिस क्षेत्र को चुना, वह सोना हो गया। आज हमें भी छोटा वनफल बनने की जरूरत है ताकि हम अपने देश समाज को आगे ले जा सकें। हमें शुरू से वनफल का मार्गदर्शन, सहयोग आशीर्वाद मिलता रहा है। उनके आदर्शों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। वहीं जुलियस कुल्लू की अगुवाई में भजन गाया गया। कार्यक्रम में फादर मनोहर खोया, फादर प्रफुल्ल, फादर अनसेलेम, फादर जोन लकड़ा, फादर सोलमन बरवा, फादर अनुरंजन पूर्ति, श्याम सुंदर, मुकेश ठाकुर अजीता मिंज समेत अन्य छात्र मौजूद थे।
सम्मानजनक जीवन के लिए किया प्रेरित
फादरमरियानुस ने कहा कि वनफल ने लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। उनके जीवन से हम समर्पण, सशक्तीकरण सम्मानपूर्ण जीवन जीने की सीख लेते है। उन्होंने गुमला के विकास के लिए अपने आप को समर्पित कर दिया। सभी वर्ग के लोगों को सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक बौद्धिक विकास का मार्गदर्शन किया।
खेल में गुमला को नई पहचान दिलाई
फादरजेवियर सोरेंग ने कहा कि फादर वनफल हमारे आदर्श रहे हैं। उन्होंने सामाजिक सांस्कृतिक सशक्तीकरण के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उनकी बदौलत आज कई संस्थाएं चल रही हैं। इससे कई परिवार को रोजगार मिल रहा है। खेल के क्षेत्र में उन्होंने गुमला जैसे पिछड़े क्षेत्र को एक नई पहचान दिलाई।
प्रतीमा के समक्ष दीप प्रज्वलित करते अतिथि अन्य।