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रात में अस्पतालों से गायब रहते हैं डॉक्टर और नर्स

6 वर्ष पहले
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जिलानिगराणी एवं अनुश्रवन समिति की बैठक मंगलवार को समाहरणालय परिसर स्थित विकास भवन के सभागार में हुई। बैठक में गत वर्ष की कार्यवाही की संपुष्टि की गई। संपुष्टि के बाद कार्यों में सुधार लाने का निर्देश दिया गया।

स्वास्थ विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान सदस्यों ने कहा कि अस्पताल स्वास्थ केंद्रों में रात में चिकित्सक नर्स गायब रहते हैं। इस स्थिति में सुधार लाएं। पालकोट स्वस्थ उप केंद्र में चिकित्सक नहीं रहने का मामला गरमाता रहा। सीएस ने बताया कि उपकेंद्र में डॉ. एके गुप्ता डॉ. अनसेलेम लकड़ा को प्रतिनियुक्त किया गया है। सदस्यों ने कहा कि हाल ही में 13 प्रसव के केस के दौरान चिकित्सक नदारत थे। इसपर सीएस को कहा गया कि आप सिर्फ आदेश नहीं दें। सिर्फ चिकित्सक प्रतिनियुक्त नहीं करें। धरातल में कार्य करें।

इसके अलावा नागफेनी स्वास्थ केंद्र समेत कई स्वास्थ केंद्रों जो अबतक हैंड ऑवर नहीं होने की समीक्षा की गई। निर्देश दिया गया कि ऐसे स्वास्थ केंद्रों की सूची सौंपी जाए ताकि रिर्पोट राज्य स्तर पर भेजकर उसकी शुरुआत की जाए। चैनपुर स्वास्थ केंद्र में महिला चिकित्सक नहीं होने का मामला उठाया गया। इसपर सीएस को अविलंब महिला चिकित्सक बहाल करने का निर्देश दिया गया। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री सुर्दशन भगत ने की। बैठक में गुमला विधायक शिव शंकर उरांव, सिमडेगा विधायक विमला प्रधान, डीसी गौरी शंकर मिंज, उप विकास आयुक्त अंजनी कुमार, एसडीओ नेहा अरोड़ा, डीपीओ अरुण कुमार सिंह, डीएफओ कुमार आशुतोष समेत कई तकनीकी पदाधिकारी, खूंटी के सांसद कड़िया मुंडा, सिसई विधायक दिनेश उरांव बिशुनपुर विधायक चमरा लिंडा अनुपस्थित थे।

जलापूर्तिकी 13 में तीन योजनाएं ही पूरी

बैठकमें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यों की समीक्षा की गई। पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देश का अनुपालन नहीं होने पर असंतोष व्यक्त किया गया। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जिले में 11 मिनी जलापूर्ति योजना को प्रारंभ किया जाना है मगर अबतक 3 योजना को ही पूर्ण किया गया है। सिमडेगा विधायक विमला प्रधान ने पालकोट के मिनी जलापूर्ति योजना का माला उठाया गया। इसपर विभाग के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि योजना चालू है। वहीं विमला प्रधान के साथ आए प्रतिनिधियों ने कहा कि योजना चालू नहीं हुई है। इसपर योजना को अविलंब चालू करने का निर्देश दिया गया।

जेईसे अग्रिम राशि वसूलने का निर्देश

बैठकमें बताया गया कि बामदा पंचायत में 23 शौचालय का निर्माण किया जाना था मगर शौचालय निर्माण किए बगैर ही प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है। इस मामले को लेकर पूर्व विधायक कमलेश उरांव द्वारा पूर्व में शौचालय नहीं बनने का चैलेंज किया गया था। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा निर्माणाधीन शौचालयों का फोटो सूची बैठक में प्रस्तुत किया गया। इसपर भी सदस्यों ने असंतोष जाहिर की। विधायक शिव शंकर उरांव ने शौचाल निर्माण का स्थल निरीक्षण करने को कहा। बैठक में पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देश पर कनीय अभियंता बैजनाथ तिवारी पर प्राथमिकी हुई अथवा नहीं इसकी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसपर बैजनाथ तिवारी से विधायक मद की अग्रिम राशि वसूलने का निर्देश दिया गया। साथ ही कहा गया कि उनके कार्यकाल के दौरान जो योजनाएं अधूरी है। उनका मापी कराकर आगे का कार्य प्रारंभ करें।

134ट्रांसफार्मरों को बदलने-बनवाने का निर्देश

बैठकमें एनआरइपी द्वारा डुमरी बाजार टांड़ से नावाडीह तक सड़क निर्माण पर असंतोष व्यक्त किया गया। गुणवत्तायुक्त कार्य करने का निर्देश दिया गया। बैठक में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना की समीक्षा की गई। पूर्व की बैठक में दिए गए निर्देश के तहत 19 गांवों को सोलर सिस्टम से जोड़ा जाना था। मगर अबतक 11 गांव में भूमि का सर्वेक्षण किया गया है। इस पर सदस्यों ने असंतोेष जताते हुए शेष 8 गांव में भूमि का सर्वेक्षण कर कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। बैठक में विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता को कहा गया कि ट्रांसफार्मर जले होने के बाद भी कई गांव के ग्रामीणों को बिजली बिल भेजा जा रह है। इसमें सुधार लाएं। बैठक में बताया गया कि 134 स्थानों में ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। सभी ट्रांसफार्मरों को अविलंब बनाने अथवा बदलने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा बैठक में छत्तीसगढ झारखंड राज्य के सीमांत के सभी गांवों में गुणवत्तायुक्त पहुंच पथ बनाने, पालकोट वनअाश्रयणी गांव में मनरेगा योजना संचालित करने का निर्देश दिया गया।