कृषक पाठशाला में रबी बुवाई का प्रशिक्षण
हैदरनगर | प्रखंडके चयनित दो पंचायतों बभंडी इमामनगर बरेवा के किसानों को कृषक पाठशाला में स्वी विधि से रबी फसल की बुवाई का रविवार को प्रशिक्षण दिया गया। बीटीएम संजय कुमार ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्रमश: 35 28 किसानों ने भाग लिया है। कार्यक्रम रतन बिगहा सोबा रामवि में आयोजित किए गए। प्रशिक्षण एटीएम प्रशांत तिवारी कृषि सह उद्यान मित्र प्रगतिशील किसान राम सुंदर मेहता ने दिया। प्रशिक्षण को लेकर किसानों में उत्साह देखा गया।
बीजके चयन फसलों की सुरक्षा के उपाय : एटीएमप्रगतिशील किसान ने प्रतिभागी किसानों को जानकारी देते हुए उन्हें गेहूं की स्वी विधि से बुवाई में 9401 वेराइटी के बीज को ज्यादा सहज उपज वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह बीज हर प्रकार की खेतों में बोया जा सकता है। खेत ऊंचा-नीचा किसी प्रकार के हो सकते हैं। बुवाई के 21 दिन के बाद पटवन के साथ 15-20 दिनों के अंतराल में दो या तीन बार के पटवन से फसल की अच्छी पैदावार मिलती है। उपज को बढ़ाने के लिए यूरिया को घोलकर छिड़काव करना लाभदायक पैसे की बचत का कारण बन सकता है।
जुताईमें पोटाश का अधिक प्रयोग फायदेमंद
कृषकपाठशाला के किसानों को उन्होंने बुवाई से पूर्व खेत की जुताई से पहले प्रति कट्ठा एक किग्रा पोटाश का प्रयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जांच में प्रखंड क्षेत्र की मिट्टी में एमओपी की काफी कम मात्रा पाई गई है। रबी की सभी फसलों की बुवाई से पूर्व खेतों की जुताई से पहले पोटाश का प्रयोग उर्वरा शक्ति को बढ़ाता है। फसलें सुरक्षित तरीके से उत्पादित होती है।