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शारदीय नवरात्र को लेकर देवीधाम में चहल-पहल बढ़ी

7 वर्ष पहले
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वर्षोंपुरानी परंपरा आध्यात्मिक आस्था के अनुरूप यहां के प्रसिद्ध देवीधाम में शारदीय नवरात्र की पूजा को लेकर अश्विन अमावस्या से ही श्रद्धालुओं को आवागमन शुरू हो गया है। परंपरा के अनुसार अश्विन शुक्ल पक्ष के एकम से पखवाड़ा मेला गुरुवार को शुरु हो जाएगा। इसे लेकर चहल-पहल विभिन्न सामग्रियों की दुकानों को सजाने का काम शुरू हो गया था। साथ ही ओझा गुणियों प्रेतबाधा से ग्रसित पीड़िताओं का दल भी जुटने लगा है।

मां भगवती को समर्पित गीत ढ़ोल करताल की ध्वनि पूजा-अर्चना से वातावरण गुंजयमान होने लगा है। मेला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष गुरु प्रताप शाहिदेव, सचिव राम अशरेश सिंह, कोषाध्यक्ष रवींद्र सिंह सदस्य राकेश सिंह आदि ने बुधवार को मेला की तैयारी का जाजया लिया।

दुकानों के लिए जगह एलॉट किए और दुकानदारों से मेले में आए श्रद्धालुओं के साथ अच्छी तरह से पेश आने की नसीहत दी। साथ ही उनकी परेशानी असुविधा का ख्याल रखने की हिदायत दी। मुख्य पुजारी सुरेंद्र दास त्यागी ने कहा कि नवरात्र को लेकर मां भगवती के नियमित श्रृंगार पूजा-अर्चना की प्रक्रिया गुरुवार को शुरु हो जाएगी। मेला में भाग लेने, प्रेतबाधा से मुक्ति, संतानों उत्पति की कामना, मन्नत मांगने मन्नत पूरी होने पर श्रद्धासुमन अर्पित करने को लेकर श्रद्धालु नर-नारियों का मां भगवती के दरबार में आगमन शुरू हो गया है। यहां पहुंचे सबकी मुरादें पूरी होने के कारण साल दर साल मां भगवती के दरबार के अश्विन चैत्र मास के पाक्षिक मेला में पहुंचने वाले भक्तों का करवा बढ़ता ही जा रहा है। इसी का प्रतिफल है कि झोपड़ी से शुरू हुआ मां भगवती स्थान देवीधाम मंदिर को भव्य रूप आकर मिल गया है।

इसके विकास की सतत प्रक्रिया जारी है। श्रद्धालुओं से इस काम में बिना अपेक्षा के भरपूर सहयोग मिल रहा है। मां भगवती के अलावाए झंडी महारानी, ब्रहमबाबा, भगवान शंकर, रामलक्ष्मण सीता, डीहवार जिन्न बाबा समेत कई देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालू नर-नारियों की आस्था उमड़ पड़ी है। जिन्न बाबा भाई बिगहा स्थित कर्बला के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था से यह मेला सांप्रदायिक धार्मिक एकता का अदभुत मिसाल है।

देवीधाम मेला में शामिल होने आए श्रद्धालु नर-नारी।