पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • समतामूलक समाज का निर्माण चाहते थे रैदास : विधायक

समतामूलक समाज का निर्माण चाहते थे रैदास : विधायक

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
हुसैनाबाद | अनुमंडलके मैदान में रैदास महासभा के तत्वावधान में मंगलवार को संत शिरोमणि गुरु रैदास जी का अनुमंडल स्तरीय जयंती समारोह मनाया गया। इस समारोह की शुरुआत बतौर मुख्य अतिथि विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता ने संत रैदास जी के तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की। मौके पर विधायक शिवपूजन मेहता ने कहा कि संत रैदास जी मध्यकाल के प्रमुख कवि थे। वे अपने कविता एवं बचन के द्वारा जात-पात के विभाजनकारी भेद-भाव को मिटाकर समतामूलक समाज की स्थापना करना मुख्य उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि रैदास जी एक ऐसे समाज की परिकल्पना की थी, जिसमें जाति-धर्म वर्ग का कोई स्थान नहीं हो और एक ऐसे समाज का निर्माण हो, जिसमें सहिष्णुता भाईचारे का संदेश दे। विशिष्ट अतिथि शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने कहा कि संत रैदास जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने का कार्य किया है। अनुमंडल दंडाधिकारी परमेश्वर कुशवाहा ने कहा कि संत रैदास जी की जयंती तभी सार्थक होगी, जब हम सभी उनके उपदेशों एवं आदर्शों को आचरण के रूप में आत्मसात करें। मौके पर समारोह की अध्यक्षता गुरु प्रसाद ने की जबकि संचालन अजय भारती ने किया। कार्यकर्म में मुख्य रूप से बसपा के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता, हरि यादव, रामजीत राम, धर्मेन्द्र मेहता, अक्षय मेहता, विजय प्रसाद कुशवाहा, विहारी पासवान, रूपा देवी, जितेन्द्र पासवान, सज्जाद खान, गणेश चौधरी, विरेन्द्र मेहता, दिनेश मेहता, सुरेन्द्र मेहता, मिथिलेश कुमार भास्कर, पंचायत समिति सदस्य अक्ष्य शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद थे।

दोगोला कार्यक्रम का आयोजन

जयंतीके अवसर पर रैदास महासभा की ओर से दो गोला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें प्रेमचन्द निराला एवं ललन मांझी के बीच जवाबी गीत संगीत का कार्यक्रम हुई और दर्शकों लुत्फ उठाया।