माइंस में शुरू हुआ मेंटेनेंस कार्य
यूरेनियमकॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) की जादूगोड़ा माइंस में खनन का कार्य बहुत जल्द शुरू हो जाएगा। माइंस के शुरू होते ही जादूगोड़ा माइंस से दूसरी ईकाई में काम करने गए कर्मचारियों को भी वापस जादूगोड़ा बुला लिया गया है। जादूगोड़ा माइंस में मंगलवार को बी शिफ्ट से मजदूर माइंस के अंदर बिजली, मशीन, डी वाटरिग, सफाई, मेनटेनेंस समेत अन्य कार्य में जुट गए है। सबसे पहले अधिकारियों द्वारा माइंस में पूजा पाठ की गई। माइंस शुरू होने की खबर से जादूगोड़ा क्षेत्र में हर्ष है। जबकि अधिकारी पूरे उत्साह में नजर रहे हैं। ज्ञात हो की विधानसभा चुनाव खत्म होने के साथ ही जादूगोड़ा माइंस लीज नवीकरण की प्रक्रिया प्रबंधन द्वारा तेज कर दी गई थी। बीते दिनों उपायुक्त स्तर पर हुई समीक्षा बैठक में जादूगोड़ा माइंस खोलने की मंजूरी दे दी गई है। प्रबंधन द्वारा रजिस्ट्री और ग्राम सभा करने की तैयारी में भी जाेर दिया जा रहा है। माइंस शुरू होने के साथ ही यहां से प्रतिदिन 700 टन यूरेनियम अयस्क का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
94 दिन से बंद है जादूगोड़ा माइंस
यूसीलकी जादूगोड़ा माइंस से खनन कार्य 94 दिनों से बंद है। इससे कंपनी को रोजाना करीब 11-12 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। कंपनी को अब तक 1034 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। इस दौरान जादूगोड़ा माइंस से अब तक 65,800 टन यूरेनियम अयस्क का उत्पादन नहीं हो पाया। जादूगोड़ा माइंस में कार्यरत लगभग 963 कर्मचारियों में से 250 को अन्य ईकाई भेजा गया था। इसमें कुछ मजदूरों को बगजाता, नरवा पहाड़ और तुरामडीह काम करने के लिए भेजा गया तो कुछ को जादूगोेड़ा मिल में काम करने भेजा गया।
लौटरहे मजदूर
माइंसखुलने के साथ ही लगभग 712 मजदूर वापस जादूगोड़ा माइंस लौट रहे हैं। माइंस बंद होने के कारण यूसील प्रबंधन ने बागजाता और नरवा पहाड़ में लगभग 430 मजदूरों को भेजा था। वही 180 मजदूरों को जादूगोड़ा मिल में रखा गया था।
जादूगोड़ाका यूरेनियम ग्रेड अधिक
जादूगोड़ामाइंस के यूरेनियम ग्रेड की तुलना में आस-पास की माइंस के ग्रेड की मात्रा काफी कम है। तुरामडीह, बागजाता, नरवा पहाड़ के यूरेनियम अयस्क को तीन गुणा पीसने के बाद जो यूरेनियम की मात्र निकलती है वह जादूगोड़ा माइंस के यूरेनियम अयस्क को एक बार पीसने के बाद निकलती है। इस कारण जादूगोड़ा माइंस से खनन कार्य शुरू करना जरूरी है। जादूगोड़ा माइंस का य