रैली निकाल पीएम का फूंका पुतला
यूरेनियमकॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसिल) की जादूगोड़ा माइंस का लीज नवीकरण कर इसे दोबारा चालू करवाने की मांग को लेकर मुखी समाज ने रविवार को रैली निकाली। मुखी समाज विकास समिति के जिला उपाध्यक्ष सुखो मुखी उर्फ टिक्की मुखी के नेतृत्व में रैली में शामिल लोगों ने यूसिल अस्पताल चौक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन किया।
इसके बाद एक नुक्कड़ सभा का आयोजन भी किया गया। इससे पहले मुखी समाज के सैकड़ों कार्यकर्ता टाइप दुर्गा पूजा पंडाल के समीप पहुंचे। यहां से रैली की शक्ल में यूसिल जादूगोड़ा के विभिन्न क्वार्टरों का भ्रमण करते हुए यूसील अस्पताल चौक पहुंचे। इस दौरान जादूगोड़ा माइंस में खनन शुरू करने के लिए नारे भी लगाए गए।
रैली निकालते मुखी समाज के लोग।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का पुतला दहन करते लोग।
50 ठेका कर्मी हो चुके हैं बेरोजगार
जादूगोड़ामाइंस में रविवार को 8 वें दिन भी खनन का कार्य बंद रहा। माइंस में कार्यरत लगभग 970 स्थायी मजदूरों में 65 मजदूरों को यूसील के नरवा पहाड़, बागजाता और तुरामडीह माइंस यूरेनियम उत्पादन में सहयोग के लिए भेज दिया गया है। वहीं जादूगोड़ा माइंस में खनन कार्य में लगे 50 ठेका कर्मियों को बैठा दिया गया है।
सरकारबदलती रही, लेकिन नहीं मिली लीज
वर्ष2006 से लेकर सितंबर 2014 तक राज्य में पांच बार सरकार बदल गई, तीन बार राष्ट्रपति शासन लागू हुआ लेकिन माइंस लीज नवीकरण के कागजात यूं ही पड़े रहे। यूसिल अधिकारियों के संज्ञान के रहने के बाद भी समय रहते लीज के नवीकरण के लिए सार्थक प्रयास नहीं किया गया। इससे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान उठते हैं।
माइंस पर टिका है क्षेत्रवासियों का भविष्य : टिकी मुखी
सभाको संबोधित करते हुए टिकी मुखी ने कहा कि जब भी देश में भाजपा का शासन आया है उद्योगों में तालाबंदी हुई है इसका जीता जागता उदाहरण राखा काॅपर की तांबा खदान है। आज यहां के कर्मचारी अपने खुद के कमाए रुपए कंपनी से वापस लेने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारी मंत्रालय के चक्कर लगा-लगा कर परेशान हो रहे हैं मगर लीज नवीकरण की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। मुखी ने सीएमडी दिवाकर आचार्य से आग्रह किया है कि इस समस्या का समाधान निकालकर माइंस में खनन काम पुन: शुरू करवाया जाए।
भुखमरी की कगार पर मजदूर: ह