पुलिस के हाथ नहीं आया दिनेश गोप
पुलिस ने पीएलएफआई का घोषणा पत्र भी बरामद किया
भास्करन्यूज | सिमडेगा
जलडेगाके ढोलपहाड़ इलाके में रविवार को चलाए गए ऑपरेशन डॉन के दौरान पुलिस की पीएलएफआई नक्सलियों से मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप भी शामिल था। लेकिन वह पुलिस के हाथ नहीं आया। इसकी जानकारी सोमवार को एसपी राजीव रंजन ने प्रेस वार्ता में दी। एसपी ने बताया कि पुलिस ने पीएलएफआई के कैंप को ध्वस्त कर दिया।
कैंप से चार देसी राइफल समेत काफी सामान बरामद हुए हैं। वहां से एके 47 की गोली का खोखा तथा पीएलएफआई का घोषणा पत्र समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। एसपी ने कहा कि पुलिस को सूचना थी कि पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप एके 47 लेकर चलता है।
उन्होंने कहा कि संभवत: पहली बार पीएलएफआई का घोषणा पत्र पुलिस के हाथ लगा है जिसमें माओवादी समेत अन्य नक्सली संगठनों से साझा कार्यक्रम चलाकर नक्सली गतिविधियों को बढ़ाने की चर्चा की गई है। एसपी ने कहा कि सीआरपीएफ ए94 के साथ चले अभियान में पुलिस को मिली यह सफलता काफी बड़ी है। इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों जवानों को पुरस्कृत किया जाएगा।
ढोलपहाड़ में चले ऑपरेशन डॉन के बारे विस्तृत जानकारी देते हुए एसपी राजीव रंजन ने बताया कि सीआरपीएफ के लचरागढ़ कैंप के सहायक कमांडेंट सुनील कुमार शर्मा तथा 39 सीआरपीएफ अफसर जवान पुलिस इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह जलडेगा थाना प्रभारी मनोहर कुमार के साथ छापामारी में गए थे। सुबह आठ बजे के लगभग ढोलपहाड़ जंगल में पुलिस को पहाड़ पर चढ़ता देख पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप, सबजोनल कमांडर महेश सिंह, एरिया कमांडर विक्रम गोप उर्फ बारूद गोप, सक्रिय सदस्य जगेश्वर उर्फ जग्गे, समीर, विनय बाड़ा आदि उग्रवादियों ने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई के बाद उग्रवादी पीछे हट गए और घने जंगलों में भाग गए। इसके बाद वहां सर्च अभियान चलाने पर राइफल, गोलियां, बिंडोलिया, कंबल, नक्सली साहित्य, वर्दी आदि मिले। एसपी ने बताया कि मुठभेड़ में पुलिस की ओर से 49 राउंड तथा उग्रवादियों की ओर से 35-40 चक्र गोली चलाई गई।
पीएलएफआई के बरामद सामान
चारदेेसी बोल्ट एक्शन राइफल, 12 जिंदा गोलियां, एक खोखा, पांच पिट्ठू, दो बिंडोलिया, एक गाली पौच, दो मोबाइल, सात चार्जर, एक बैग, चार कंबल, चार बेडशीट, एक चादर, एक वर्दी, चार डायरी, तीन बैनर, दो लेवी की रसीद बुक, एक मैग्जीन, दो पीएलएफआई का घोषणा पत्र, शहीद दिवस के पर्चे, चार चटाई, चार टॉर्च, पहनने के कपड़े खाने-पीने का सामान।