एक वर्ष से नहीं निकाली निविदा
मिहिजामनगर पंचायत क्षेत्र में करीब एक वर्ष से टेंडर निकाले जाने की प्रक्रिया पर रोक लगी हुई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मामले को लेकर नगर विकास विभाग रांची ने जिला प्रशासन को जांच के आदेश जारी किए हैं। लेकिन अब तक जांच नहीं होने के कारण टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। इस कारण क्षेत्र में विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। यहां तक कि कई चापानल मरम्मत के अभाव में बेकार पड़े हुए है। नगर में साफ सफाई का घोर अभाव देखा जा रहा है। गौरतलब है कि 28 फरवरी 2014 को तत्कालिन नपं कार्यपालक पदाधिकारी सुभाष चंद्र निगम का स्थानीय करीब 25 संवेदकों ने आठ नए संवेदकों को नगर पंचायत में पंजीयन किए जाने के विरोध में घेराव किया था। इस दौरान हंगामे के बीच कई संवेदकों वार्ड पार्षदों ने आरोप लगाया था कि मनमाने तरीके से कार्यपालक पदाधिकारी ने नए संवेदकों को शामिल किया है। इसे रद्द किया जाना चाहिए। 26 जून 2014 को नगर पंचायत कार्यालय में बोर्ड की बैठक में भी यही मुद्दा छाया रहा था। ऐसे नए संवेदकों का पंजीयन रद्द करने की मांग की गयी थी। 23 सितंबर 2014 को जामताड़ा एसडीओ अखिलेश कुमार सिन्हा ने वार्ड पार्षदों की शिकायत के बाद उपायुक्त के निर्देश पर मामले की छानबीन के लिए यहां पहुंचे थे। जहां शिकायत मिली थी कि प्रतिनिधि रिश्तेदारों के नाम पर संविदा में भाग ले रहे हंै।