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साइबर क्राइम मामले में राजस्थान पुलिस पहुंची जिले के करमाटांड़
साइबरक्राइम जांच के सिलसिले में मंगलवार को एक बार फिर राजस्थान पुलिस जामताड़ा पहुंची। करमाटांड़ और मिहिजाम के बेवा गांव में छानबीन की। राजस्थान पुलिस योगेश कुमार और मीठा लाल ने बताया कि गत 03 अक्टूबर को राजस्थान के जालौर जिला के सांचोर थाना में कांड संख्या 404, भादंवि की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बैंक आॅफ बड़ौदा ग्राहक के बैंक खाता से हजारों रुपए की निकासी कर ली गई थी। जिसमें रिलायंस कंपनी के मोबाइल नंबर 9905742417 का इस्तेमाल किया गया है। यह नंबर आनंद दास, पुत्र बद्री दास, मकान नंबर 84 निवासी बेबा गांव, जिला जामताड़ा के नाम से आवंटित है। लंबे अरसे से इस मोबाइल का लोकेशन बीएसएनएल करमाटांड़ का मिल रहा था। जांच में उक्त सिम कार्ड के साथ प्रयुक्त होने वाली मोबाइल का इएमआई नंबर 353202033254810 भी प्राप्त हुआ है। हालांकि जांच में राजस्थान पुलिस को उक्त पता सही मिला है। लेकिन पुलिस का कहना है कि अपराधी कोई और है जो ऐसे सिम कार्ड का फर्जी इस्तेमाल कर रहा है।
बार-बार ऐसी घटनाओं में जामताड़ा, करमाटांड और मिहिजाम का नाम सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर सिम कार्ड धारक का पता इन्हीं इलाकों का कैसे और क्यों मिलता है। संभव है या तो अपराध करने वाले इन्हीं जगहों पर आश्रय लिए हुए हैं या फिर मोबाइल कंपनी की सांठगांठ से अपराध करने वाले फर्जी दस्तावेज से सिम कार्ड प्राप्त कर ले रहे हैं। क्योंकि अब साइबर अपराध हो या फिर हैदराबाद अजमेर शरीफ में आतंकी ब्लास्ट हो यहीं के सिम कार्ड का पता मिलता है। पुलिस भी इसी बात का पता लगा रही है। अकेले साइबर क्राइम के दर्जनों मामले में कई राज्यों की पुलिस यहां चुकी है। इससे पहले उत्तर प्रदेश स्थित फिरोजाबाद की पुलिस भी 26 नवंबर को यहां चुकी है। जिसमें मिहिजाम थाना क्षेत्र के लाधना पंचायत अंतर्गत नीलदाहा गांव के निवासी का नाम और पता सिम कार्ड के जरिए सामने आया था। बताते चलें कि गत 21 अक्टूबर 2014 को आॅन लाइन शॉपिंग कंपनी के नाम पर रेलपार के एक व्यक्ति को हजारों रुपए का चूना लगाया जा चुका है। गत 9 सितंबर 2014 का भी राजस्थान पुलिस ऐसे ही मामले की जांच में बेवा पहुंची थी। इसके अलावा बैंक का फर्जी कस्टमर केयर या हेड ब्रांच मैनेजर बन कर ग्राहकों को फोन काॅल कर अब तक एटीएम से लाखों निकाले जा चुके हैं।
क्यों नहीं पकड़ में रहे हैं साइब