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नए भवन में नहीं शिफ्ट हुए आंगनबाड़ी केंद्र
पालोजोरीप्रखंड में पिछले तीन-चार वर्षो में तीन-तीन सीडीपीओ की पदस्थापना हुई। लेकिन प्रखंड के कुछ केंद्र नए भवन के रहने के बावजूद अब भी पुराने भवन में ही संचालित हो रहे हैं। पालोजोरी-जामताड़ा मुख्य पथ पर स्थित चंद्रायडीह आंगनबाड़ी केंद्र इसका जीता जागता उदाहरण बना हुआ है। नया भवन पिछले तीन-चार वर्ष से बनकर तैयार पड़ा है और अब तो जर्जर भी होने लगा है। नया भवन रहने के बावजूद अभी भी आंगनबाड़ी केंद्र गांव के बीच स्थित एक पुराने सभा भवन में चलाया जाता है। जहां बाल विकास परियोजना के प्रावधान के अनुसार केंद्र नहीं चल पा रहा है। ही स्कूल पूर्व शिक्षा का ही सही तरीके से संचालित हो पाता है और अन्य कोई गतिविधि। केंद्र के पोषक क्षेत्र के तहत चंद्रायडीह गांव ही आता है। जिसकी आबादी 460 है। गांव में आदिवासी समुदाय की बहुलता है। इस समुदाय के अलावे यहां पिछड़ा वर्ग के लो निवास करते हैं। केंद्र में 2 गर्भवती, 27 किशोरी, 30 तीन से छः वर्ष के बच्चे पंजीकृत हैं। लोगाें का कहना है कि नए भवन में केंद्र के संचालित होने से लोगाें को बेहतर सुविधा मिल पाएगी। इस क्षेत्र के लोगाें का यह भी कहना है कि सेंटर को नए भवन में शिफ्ट कराने को लेकर विभाग ही गंभीर नहीं है। केंद्र की सेविका शिवानी मंडल ने कहा कि नए भवन में पानी की सुविधा नहीं है, जिसके कारण पुराने भवन में ही केंद्र चलाना पड़ता है। सीडीपीओ सविता कुमारी ने कहा कि एलएस से वैसे केंद्रों की सूची मांगी गई है, जिसे शिफ्ट किया जाना है और जिसका भवन लंबे समय से बनता रहा है। प्राथमिकता के आधार पर शिफ्टिंग कराया जाएगा और निर्माण कार्य पूरा कराएंगे।