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झारखंड जागृति मंच ने दिया धरना, सौंपा ज्ञापन
झारखंडजागृति मंच ने रविवार को चित्तरंजन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर धरना दिया। लगभग दो घंटे तक चले धरना कार्यक्रम के बाद मंच में शामिल सदस्यों ने चित्तरंजन रेलवे स्टेशन प्रबंधक एसके पाठक के माध्यम से आसनसोल मंडल रेल प्रबंधक को 9 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। चित्तरंजन रेलवे स्टेशन पर व्याप्त समस्याओं के निराकरण की मांग तथा रेलवे में व्याप्त समस्याओं को सुधारने की मांग को लेकर मंच के संयोजक राकेश लाल के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संजय मुर्मू, विमल हांसदा के साथ साथ वार्ड पार्षद शुभाशीष चंद्रा एवं भारतीय जनता पार्टी के बेबी सरकार, चिकू यादव ने भी सहयोग किया।
येहैं प्रमुख मांगें
प्रमुखमांगों में चित्तरंजन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 3 पर टिकट काउंटर की व्यवस्था करने, प्लेटफार्म 3 से हटिया तक पैदल ऊपरी पुल की व्यवस्था करने, कानगोई रेल फाटक, स्टेशन रेल फाटक, बोदमा रेल फाटक तथा जामताड़ा में फ्लाई ओवर निर्माण की व्यवस्था करने, स्टेशन परिसर में पार्किंग की व्यवस्था करने, बोदमा ब्लाक हॉल्ट को हाल्ट घोषित कर वहां ट्रेनों के ठहराव एवं टिकट काउंटर की व्यवस्था करने, चित्तरंजन रेलवे स्टेशन पर अनन्या, अकालतख्त, पूरी-दरभंगा, हावड़ा-हरिद्वार, रांची-जयनगर, आदि ट्रेनों का ठहराव करने, बैद्यनाथधाम-रांची इंटरसिटी ट्रेन में सामान्य कोचों की संख्या बढ़ाने, आसनसोल-सियालदह एक्सप्रेस और विधान एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन जामताड़ा रेलवे स्टेशन से शुरू करने, चित्तरंजन एक नंबर गेट से रेलवे स्टेशन तक सड़क किनारे जमे अवैध कब्जेदारों से सड़क को मुक्त करने, पटना-हावड़ा जनशताब्दी और पटना धनबाद इंटरसिटी ट्रेनों का ठहराव चित्तरंजन तथा जामताड़ा रेलवे स्टेशन पर बहाल रखने आदि की मांग की गई है।
धरना पर बैठे मंच के सदस्य।
राजस्व मिलने के बावजूद नहीं मिलती सुविधा
राकेशलाल ने कहा कि जिला का महत्वपूर्ण चित्तरंजन रेलवे स्टेशन है। जिससे रेल प्रशासन को करोड़ों रुपए राजस्व प्राप्त होती है। लेकिन सुविधा के नाम पर शून्यता बनी हुई है। व्यवसायी वर्ग, छात्र, नौकरी पेशा यहां तक की अधिकारियों के लिए भी यहां सबसे आसान सफर रेलवे हीं है। अगर इन समस्याओं का जल्द निराकरण नहीं किया गया तो मंच 15 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना करेगी। इस अवसर पर सिकंदर