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पांच वर्ष में भी पूरी नहीं हो सकी है जलापूर्ति योजना
मिहिजामशहर की आबादी को अजय नदी से पानी फिल्टर कर जल पिलाने की शहरी जलापूर्ति योजना 5 वर्ष बाद भी पूरी नहीं हुई है। वर्ष 2009-10 में करीब 14 करोड़ रुपए की योजना की राशि अब बढ़कर करीब 17 करोड़ रुपए हो गई है। हालांकि शहर के मुख्य हिस्से में योजना से लोगों को पानी पिलाने का कार्य शुरू हो चुका है। लेकिन रेलपार के हिस्से में तो अब तक जलमिनार बनकर खड़ा नहीं हुआ है। इससे पहले रेलपार में पानी ले जाने के लिए रेलवे प्रशासन ने पेयजलापूर्ति विभाग को नो आॅब्जेक्शन प्रमाण पत्र देने में करीब डेढ़ वर्ष लगा दिए। अभी दो महीने पहले ही रेलवे प्रशासन द्वारा मिले अनुमति के बाद रेलपार में थाना मोड़ और हांसीपहाड़ी रेलपुलिया के निकट से पानी ले जाने के लिए रेलवे लाइन के नीचे से पानी पाइप लाइन ले जाने का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है। लेकिन रेलपार के लोगों को पानी मिलने में अभी भी करीब 6 माह लग सकता है। पीएचईडी विभाग जामताड़ा के कनीय अभियंता उद्धव कुमार का कहना है कि रेलपार के कोरापाड़ा में जलमिनार निर्माणाधीन है। जो करीब 5-6 माह में बन कर तैयार हो जाएगा। योजना को पूरी तरह नगर पंचायत के हैंडओवर नहीं दिया गया है। रेलवे प्रशासन के असहयोग के कारण योजना पूरी होने में विलंब तो हुआ। साथ ही कभी भागा स्थित फिल्टर हाउस को लेकर ग्रामीण रोक लगाते रहे तो कभी रेलपार जलमिनार को लेकर। कभी सड़क किनारे पाइप बिछाने को लेकर तो कभी सड़क काटे जाने को लेकर कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अकेले रेलवे से प्रमाण पत्र लेने के लिए 13 लाख रुपए सुरक्षा राशि रेलवे को जमा करनी पड़ी।
यह थी योजना
वर्ष2009-10 में शरू की गई शहरी जलापूर्ति योजना के तहत मिहिजाम शहरी क्षेत्र के करीब 50 हजार लोगों को पानी पिलाने का लक्ष्य रखा गया था। करीब 14 करोड़ रुपए की योजना 5 वर्ष में बढ़कर करीब 17 करेाड़ रुपए पर आकर ठहरी है। अभी भी योजना पूरी नहीं हुई है। योजना के तहत कुशबेदिया अजय नदी घाट से पंप के सहारे पानी भागा स्थित फिल्टर हाउस लाकर उसका शुद्धिकरण करना और उसके बाद कुर्मिपाड़ा मोड़ पर बने करीब 50 लाख गैलेन के रिर्जवर कोरापाड़ा में निर्माणाधीन 50 लाख गैलेन वाटर रिर्जवर में पानी लाया जाना था। जिसके बाद लोगों को इसका कनेक्शन दिया जाना था। शहर के मुख्य हिस्से में तो कनेक्शन देने का काम जारी है। लेकिन रेलपार के लोग अब भी इस सुविधा से वंचित है। वैसे अभी भी शहर के स्टेशन चौक पर आम लोगों के लिए एक भी टैब नहीं लगाए गए है। दूसरी ओर कई चापानल भी बेकार और खराब पड़े है। ऐसे में आने वाली गर्मी में लोगों को पानी के लिए और दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।