- Hindi News
- बैंकिंग सुविधा से वंचित है जमुआ क्षेत्र की 75 हजार की आबादी, नजदीकी बैंक 25 िकमी पर
बैंकिंग सुविधा से वंचित है जमुआ क्षेत्र की 75 हजार की आबादी, नजदीकी बैंक 25 िकमी पर
जमुआप्रखण्ड का पूर्वी क्षेत्र उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र नहीं होने के बावजूद इस क्षेत्र में रहने वाले करीब 70 से 75 हजार की आबादी बैंकिंग सुविधाओं से वंचित हैं। इस क्षेत्र में एक मात्र क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की एक छोटी सी शाखा है, जो इस क्षेत्र में निवासी करने वाले लोगों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं दे रही है। इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक जैसे बैंक से प्रखण्ड की बड़ी आबादी बैंकिंग सुविधा से वंचित हो रहे हैं। क्षेत्र में बैंक नहीं होने के कारण कामकाज के लिए ग्रामीणों को प्रखण्ड मुख्यालय 25 किमी जाना पड़ता है। समय के साथ ही पैसा भी बरबाद होता है। आज जब देश के प्रधानमंत्री पूरे देश के सभी नागरिकों के लिए जन-धन जैसी महत्वाकांक्षी योजना को लागू कर दिया हैं।
ऐसी स्थिति में इस क्षेत्र में बैंक का नहीं होना योजना की लक्ष्य प्राप्ति को प्रभावित कर रहा है। पूर्वी छोर क्षेत्र की पहचान बीते डेढ़ दशक से बदला बदला नजर रहा है। क्षेत्र विकास के लोग विकास की मुख्य धारा में शामिल हो रहे हैं। लेकिन इस दौर में भी बैंक की शाखा नहीं होने का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। प्रशासन भी इसके लिए प्रयासरत नहीं है। पूर्वी क्षेत्र में जमुआ प्रखण्ड की सात पंचायत गोरो, चोरगत्ता, सियाटांड़, चिलगा, नवडीहा, कुरहो बिन्दो मलुवाटॉड़ पंचायत हैं। इन पंचायतों के करीब 90 राजस्व गांवों की आबादी लगभग 75 हजार है।
इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, एसटी पिछड़़ी जाति आदि निवास करते है। यहां के लोग खेती मजदूरी कर जीवन यापन करते है। रोजगार के साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण युवाओं का एक बड़ा तबका काम की तलाश में महानगरों की ओर पलायन कर जाता है। इस क्षेत्र के 5 से 8 किमी दूरी पर बेंगाबाद प्रखण्ड के छोटकी खरगडीहा में बैंकिंग सुविधा है। लेकिन जमुआ प्रखण्ड के नाम पर यहां लोग का खाता नहीं खोला जाता है। जिससे लोगों को सरकारी सुविधा लेने के लिए प्रखण्ड मुख्यालय में स्थित बैंक में दो से तीन दिन का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस क्षेत्र के वृद्धा पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, इंदिरा आवास सहित अन्य सरकारी योजनाओं के लाभुकों को बैंकिंग कार्य के लिए 25 किमी तक की दूरी तय कर जमुआ जाना पड़ रहा है। इस ओर आज तक िकसी राजनीितक दल ने ध्यान नहीं दिया।