सुगबुगाहट संग चढ़ने लगा राजनीितक पारा
> पुरुष मतदाता पर भारी पड़ सकती हंै महिला मतदाता
मनोजकुमार | देवरी
विधानसभाचुनाव की सुगबुगाहट के साथ जमुआ विधानसभा का पारा चढ़ने लगा है। लिहाजा राजनीतिक पार्टियां जनता की जन समस्या को मुद्दा बनाकर आंदोलन और धरना प्रदर्शन कर जनता को अपने पक्ष में करने के लिए जोरदार आजमाईश कर रहे हैं। बताते हैं कि कोडरमा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के में 1977 में अस्तित्व में आने के बाद जमुआ विधानसभा सीट को आरक्षित सीट घोषित किया गया था। चुनाव की सुगबुगाहट के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर राजनीतिक पार्टी जनसमस्या का निदान कराने का आश्वासन दे कर लोगों को एक जुट करने में लगे हैं। आधी आबादी का वोट को निर्णायक बनाने के लिए राजनीतिक पार्टी सक्रिय हो गया हैं। वैसे तो जमुआ आरक्षित सीट होने के बाद भी किसी भी राजनीतिक दल में महिला प्रत्याशी को नेतृत्व करने का मौका अब तक नहीं मिला है। मगर इस बार सभी दलों ने इसकी कवायद अभी से ही आरंभ कर दी है।
महिला के लिए संचालित सरकारी योजनाएं विभागीय लापरवाही के कारण समय पर धरातल पर नहीं उतर पा रहा है। जिस कारण आज भी गरीब और बेसहारा महिला को पेंशन की राशि के लिए सरकारी कार्यालय का चक्कर लगाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। हालांकि तमाम प्रयास के बाद भी लोग सरकारी कार्यालय का चक्कर लगाने के लिए विवश है। मिली जानकारी के मुताबिक जमुआ विधानसभा में पुरूषों की तुलना में आधी आबादी भारी पड़ेगी। महिला मतदाताओं को राजनीतिक दल अगर गोलबंदी कर अपने पक्ष में कर ले तो जमुआ विधानसभा में किला फतह करने से कोई नहीं रोक सकता। जमुआ विधानसभा क्षेत्र में पुरुष वोटरों की संख्या एक लाख 36 हजार 947 और महिला वोटर की संख्या एक लाख 19 हजार 419 है। जबकि नए वोटर की संख्या 16 हजार 704 है। कुल वोटर दो लाख 73 हजार 70 हैं। इसी से जीत तय होगी।
गौण होते रहे हैं महिला से जुड़े मुद्द्