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जाम से निपटने के लिए दल-बल के साथ निकले डीएसपी

5 वर्ष पहले
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कहांतो शहर को स्मार्ट सिटी के लिए जद्दोजहद चल रही है, वहीं जाम की पुरानी समस्या से भी शहर को छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। इसका ताजा उदाहरण मंगलवार को शहर की लगभग सभी सड़कों पर देखने को मिला। सुबह 10 बजे से देर शाम तक शहर में जाम की स्थिति बनी रही। हर सड़क पूरी तरह से जाम रही। टावर चौक से कचहरी रोड, पचम्बा रोड, स्टेशन रोड, टुंडी रोड चाहे किसी भी रोड से जाने की जरूरत हो, लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। जिला प्रशासन को भी जाम को खत्म करने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी। डीएसपी विजय आशीष कुजूर खुद दल बल के साथ जाम हटाने निकल पड़े। मौके पर टाउन थानेदार राजीव कुमार सहित अन्य जवान मौजूद थे। अंबेडकर चौक से कालीबाड़ी और कचहरी रोड होते हुए विभिन्न मार्गों का भ्रमण करते हुए डीएसपी ने अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी कि वे बुधवार से सड़क का अतिक्रमण नहीं करेंगे। इस दौरान अतिक्रमण जमाए कई ठेला खोमचा वाले भाग निकले। स्थानी दुकान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे अतिक्रमण करें। यदि फिर यह दृश्य दिखा तो प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा। थाना प्रभारी को सड़क के किनारे के अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्राथमिकी और सामान जब्त करने का निर्देश दिया।

लोग नहीं सुधरे तो पुलिस होगी सख्त : डीएसपी

^गिरिडीहशहर में ट्रैफिक के लिए 32 जवानों का स्वीकृत पद है। जिसमें तैनाती सिर्फ 12 जवानों की है। यही वजह है कि हर ट्रैफिक पर पुलिस की उपस्थिति नहीं हो पा रही है। जल्द ही इस दिशा में पहल की जाएगी।

व्यवस्था के साथ ही सुधर जाएगी ट्रैफिक : शिवनाथ

गिरिडीहके समाजसेवी सह आरटीआई कार्यकर्ता शिवनाथ साव की मानें तो ट्रैफिक व्यवस्था के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन को विशेष रणनीति बनानी चाहिए। फुटपाथ ठेला-खोमचा वालों को लिए शहर में एक निश्चित जगह चिन्हित करे, जहां लोग दुकान लगाकर अपना जीविकोपार्जन कर सके। इसके अलावा यातायात नियमों के पालन हेतु शहर के प्रमुख चौक चौराहों पर बड़ा-बड़ा होर्डिंग लगाए जाने चाहिए, जिसमें ये उल्लेख हो कि ट्रैफिक रूल तोड़ने पर किस तरह की कार्रवाई का प्रावधान है। हर चौक-चौराहों पर कम से कम एक ट्रैफिक पुलिस की तैनाती हो। दो पहिया अथवा चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था हो। ये सारी व्यवस्था के बाद ट्रैफिक रूल तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाए, तो निश्चित रूप से शहर में जाम की समस्या समाप्त हो जाएगी और फिर ट्रैफिक व्यवस्था मजबूत हो सकता है।

क्यों लगता है जाम

1. सड़कके किनारे दोनों ओर दो पहिया चार पहिया वाहनों की पार्किंग।

2.टेम्पोचालकों की मनमानी और जहां-तहां पार्किंग कर मार्ग अवरूद्ध करना।

3.हरट्रैफिक पर पुलिस की व्यवस्था होना और पुलिस की अवैध वसूली।

4.मार्केटकी दुकान संचालकों द्वारा सड़क पर शेड लगाकर कब्जा किया जाना।

5.बाजारके अभाव में जहां-तहां फुटपाथ दुकान ठेला-खोमचा लगाया जाना।

6.यातायातनियमों की जानकारी के अभाव में जाम की समस्या उत्पन्न होना।

इन स्थानों पर लगता है सबसे अधिक जाम

शहरके कालीबाड़ी चौक से लेकर मकतपुर और बड़ा चौक में जाम की स्थिति आम हो चुकी है। जहां हर आधे घंटे पर सड़क जाम होती और वाहनों का चक्का रेंगता हुआ गुजरता है। इसके अलावा जमुआ रोड में अंबेडकर चौक, पुराना टेलीफोन एक्सचेंज, नेताजी चौक अलकापुरी पर हर वक्त जाम का दृश्य लगा रहता है। वहीं बरगंडा रोड में कचहरी, सदर अस्पताल गेट, मधुबन वेजिस, होटल गैली इंटरनेशनल, बरगंडा चौक। मकतपुर से बड़ा चौक तक रोड में दिन भर जाम लगा ही रहता है। अंबेडकर चौक से बस स्टैंड जाने में भी लोगों को हमेशा जाम का ही सामना करना पड़ता है। लेकिन दो चार चौराहों को छोड़ कहीं भी ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं है, और जहां पुलिस की तैनाती है वहां भी व्यवस्था में कोई सुधार नहीं है।

जाम में फंसे लोग।

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