डुमरी बस्ती की महिलाओं ने निगम के कार्य का किया विरोध
नगरनिगम से राजस्व गांवों को अलग नहीं करने से ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं। शुक्रवार को काली मेला के डुमरी बस्ती के ग्रामीणों ने नगर निगम की ओर से बन रहे पीसीसी सड़क कार्य का विरोध किया है। उक्त सड़क लालबंगला स्कूल से लेकर बस्ती तक बनना था। उक्त सड़क 800 फीट बनना है। विरोध स्वरूप शनिवार को गांव की महिलाओं ने सड़क के शिलापट्ट को तोड़ दिया तथा कार्य को रुकवा दिया। इस दौरान नगर निगम तथा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं हाथ में कुदाल लेकर पहुंची। निर्माण काे रुकवाया तथा ताबड़ तोड़ शिलापट्ट पर वार कर तोड़ डाला। महिलाओं का आक्रोश साफ झलक रहा था। महिलाओं का कहना था कि हम ग्रामीण हैं। सड़क और लाईट लगा देने से उन्हें रोटी नहीं मिल जाएगी। उन्हें पंचायत में मिलने वाली सुविधाएं चाहिए। खेती के लिए खाद, बीज चाहिए। वहीं सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार अनिल सिंह ने निगम के जेई अनिल कुमार सोरेन को कार्य रोके जाने की सूचना दे दी।
महिलाओं द्वारा तोड़ कर गिराया गया शिलापट्ट।
बताते हैं कि पंचायत बचाओ संघर्ष समिति जिन 39 गांवों को नगर निगम से अलग करने के लिए लड़ाई लड़ रही है। उन गांवों में डुमरी बस्ती भी शामिल है। यहां के लोगों की मांग है कि इन्हें नगर निगम नहीं चाहिए। ये लोग ग्रामीण हैं और ग्रामीण परिवेश में ही रहना चाहते हैं। इन्हें पंचायत में रहने दिया जाये। ताकि पंचायत में जो सुविधाएं मिलती है उन्हें मिले। सड़क, लाईट लगा देने से उन्हें रोजी रोटी नहीं मिल जायेगी। उन पर करों का बोझ लादा जायेगा। वे लोग खेती कर अपना गुजर बसर करते हैं होल्डिंग टैक्स कहां से देंगे।