आज की नारी अबला नहीं : तापस
झरिया | महिलाएंअपने आप को कमजाेर समझें। आज की नारी अबला नहीं है। अगर नारी स्वावलंबी हो जाये तो समाज में नारी का शोषण नहीं हो सकता। जरूरत है महिलाएं अपनी शक्ति को समझ कर उसका सदुपयोग करे और देश समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाये। उक्त बातें नायाब टेक्निकल एजुकेशन वेलफेयर ट्रस्ट जामाडोबा के प्रांगण में आयोजित एमएसएमई के अभिप्रेरणा कार्यक्रम में एमएसएमई के डिप्टी डायरेक्टर तापस दास ने कही। कार्यक्रम में एमएसएमई के द्वारा महिलाओं के लिए चलाये जा रहे कई तरह के प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में काफी संख्या में महिलाएं उपस्थित थी। इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को ट्रस्ट की ओर से सर्टिफिकेट भी वितरित किया गया। श्री दास ने कहा कि एमएसएमई आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षित करने के साथ-साथ रोजगार के लिए राशि की भी व्यवस्था कराता है।